राजस्थान में शीतलहर का असर: आठवीं तक स्कूलों में अवकाश, सर्दी बढ़ी तो क्लासरूम गर्म रखने के निर्देश

राजस्थान में शीतलहर का असर: आठवीं तक स्कूलों में अवकाश, सर्दी बढ़ी तो क्लासरूम गर्म रखने के निर्देश

बीकानेर: प्रदेश में जारी शीतलहर के चलते स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य के कई जिलों में जिला कलेक्टर की शक्तियों का उपयोग करते हुए कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चार से पांच दिन का अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय बच्चों को अत्यधिक ठंड और कोल्ड वेव के प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि घोषित अवकाश अवधि के बाद भी सर्दी का प्रकोप कम नहीं होता है, तो स्कूलों में विशेष इंतजाम अनिवार्य रूप से किए जाएंगे। शीतलहर की स्थिति में विद्यालयों के कक्षा कक्षों को गर्म रखने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को ठंड से राहत मिल सके। इसके लिए हीटर या अन्य सुरक्षित साधनों के उपयोग पर विचार किया जाएगा।

इसके साथ ही स्कूलों के दरवाजों और खिड़कियों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे ठंडी हवा सीधे कक्षाओं में प्रवेश न कर सके। विभाग का मानना है कि भवनों की सही संरचना और मरम्मत से बच्चों पर ठंड का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सर्दी से बचाव के लिए स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जरूरतमंद विद्यार्थियों को कंबल उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जाएंगे। वहीं, शीतलहर के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका को देखते हुए स्कूलों में प्राथमिक उपचार बॉक्स की पर्याप्त संख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित इलाज सुनिश्चित किया जा सके। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा है।

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