उप मुख्यमंत्री और वित्त व वाणिज्यिक कर विभाग के मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि वर्ष 1915 में बने आबकारी अधिनियम के कोई प्रावधान अगर आज की स्थिति में अव्यावहारिक है तो उसमें संशोधन किया जाएगा। यह बदलाव आज के समय के हिसाब से किया जाएगा जो समयानुकूल हो। उन्होंने एक हजार करोड़ रुपए की आबकारी बकाया राशि की वसूली के निर्देश दिए। ग्रामीण महिलाओं द्वारा शराब की दुकानों से संबंधित जो शिकायत प्राप्त होती है उसे गंभीरता से लेते हुए जल्द निराकरण करें। 18 हजार करोड़ का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में आबकारी राजस्व का लक्ष्य 18 हजार करोड़ रुपए रखा गया है। जिसे मार्च 2026 तक पूरा किया जाना है। जिन मामलों में प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं, वहां विशेष प्रयास कर संपूर्ण राशि की वसूली करने के निर्देश दिये गए हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने नई आबकारी नीति वर्ष 2026-27 पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में आबकारी राजस्व बढ़ाने, अवैध शराब पर प्रभावी नियंत्रण तथा विभागीय कार्य प्रणाली को और मजबूत बनाने को लेकर दिए गए सुझावों के बीच कहा कि नई नीति के लिए सभी जिला अधिकारी अपने सुझाव लिखित में भी दे सकते हैं। किसी भी स्थिति में अवैध शराब का कारोबार नहीं हो
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब बेचे जाने पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। संबंधित जिलों के अधिकारियों से कहा कि किसी भी परिस्थिति में अवैध शराब का कारोबार नहीं होना चाहिए, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। हाल ही में भोपाल, धार, ग्वालियर एवं रायसेन में की गई शराब जब्ती की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बिना परमिट शराब के परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि सभी अधिकारी तय लक्ष्य को पूरा करें। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा शराब की दुकानों से संबंधित जो शिकायत प्राप्त होती है उसे गंभीरता से लेते हुए यथाशीघ्र निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जिम्मेदारी, इच्छाशक्ति एवं मजबूती से कार्य करें। जहरीली शराब की घटनाएं दोबारा न हों किसी जिले में
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने जहरीली शराब की घटनाओं पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी जिले में इस प्रकार की घटना दोबारा न हो। यदि ऐसी कोई घटना सामने आती है तो संबंधित जिला आबकारी अधिकारी जिम्मेदार होंगे, क्योंकि ऐसी घटनाओं से सरकार की छवि धूमिल होती है। विभाग में लंबित विभागीय जांचों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता एवं संभागीय उड़नदस्तों को और अधिक सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि अवैध शराब के निर्माण और विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों को उच्चतर पदनाम देकर उनका मनोबल बढ़ाने के प्रयास जारी रखने की बात कही गई, जिससे आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी हो सके।


