अलीगढ़ में 6 ठिकानों पर SIB की छापेमारी:सबसे बड़ी मीट फैक्ट्री पर जीएसटी का शिकंजा, 200 करोड़ से ज्यादा कर चोरी की आशंका, 1.15 करोड़ तुरंत जमा

अलीगढ़ में 6 ठिकानों पर SIB की छापेमारी:सबसे बड़ी मीट फैक्ट्री पर जीएसटी का शिकंजा, 200 करोड़ से ज्यादा कर चोरी की आशंका, 1.15 करोड़ तुरंत जमा

अलीगढ़ में मीट कारोबार में बड़े पैमाने पर कर चोरी का मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) ने अलीगढ़ की सबसे बड़ी मीट फैक्ट्री अल दुआ फूड प्रोसेसिंग समेत कुल 6 प्रतिष्ठानों पर एक साथ सर्च और सीजर की कार्रवाई की है। जांच में 200 करोड़ रुपए से अधिक की कर चोरी की आशंका जताई जा रही है। मामला गंभीर देख फैक्ट्री प्रबंधन ने मौके पर ही 1.15 करोड़ रुपए जमा कर दिए। लखनऊ से मिले इंटेलिजेंस इनपुट पर कार्रवाई राज्य कर मुख्यालय लखनऊ द्वारा कम कर भुगतान करने वाली फर्मों के डेटा विश्लेषण में गड़बड़ियां सामने आई थीं। इसके बाद इंटेलिजेंस-बेस्ड कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इन्हीं निर्देशों के तहत अलीगढ़ के मथुरा बाईपास स्थित अमरपुर कोंडला और मेहरावाल क्षेत्र में संचालित यूनिटों पर एक साथ छापा मारा गया। बिक्री कम दिखाकर फर्जी ITC का खेल जांच में सामने आया कि फैक्ट्री द्वारा बेचे गए माल के अनुपात में बिक्री बेहद कम दर्शाई गई थी। इसके साथ ही गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम किया गया। टीम को एक ऐसा गोदाम भी मिला, जिसका रिकॉर्ड विभागीय दस्तावेजों में दर्ज नहीं था। माल की कीमतें जानबूझकर कम दिखाई गईं और कर योग्य बिक्री को छिपाया गया। 30 से ज्यादा अधिकारियों की टीम अपर आयुक्त (ग्रेड-1) अलीगढ़ जोन के निर्देश पर संयुक्त आयुक्त SIB की निगरानी में यह अभियान चलाया गया। उपायुक्त SIB के नेतृत्व में 30 से अधिक अधिकारियों की टीम ने पुलिस बल के साथ 6 ठिकानों पर सर्च और सीजर की कार्रवाई की। मौके से बड़ी मात्रा में दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड (हार्ड डिस्क, कंप्यूटर डेटा) जब्त किए गए हैं। मीट निर्यात पर GST शून्य, फिर भी करोड़ों की कर चोरी मीट निर्यात पर जीएसटी शून्य होने के बाद भी करोड़ों की कर चोर की गई। दरअसल यह पूरा मामला ITC और घरेलू बिक्री का है। निर्यातकों को कच्चे माल और सेवाओं पर चुकाए गए जीएसटी का रिफंड मिलता है। जांच में आशंका है कि फर्जी फर्मों से फर्जी बिल बनवाकर करोड़ों का ITC क्लेम किया गया। इसके अलावा फैक्ट्री के बाइ-प्रोडक्ट जैसे चर्बी, खाल, हड्डियां और कुछ किस्म का मीट घरेलू बाजार में कैश में बेचे गए और रिकॉर्ड में नहीं दिखाए गए। इस बिक्री पर लगने वाला जीएसटी सीधे-सीधे चोरी किया गया। अभी बढ़ सकता है कर चोरी का आंकड़ा अधिकारियों के मुताबिक जब्त दस्तावेजों का मिलान स्टॉक और बैंक के लेन–देने से किया जा रहा है। फर्म स्वामी को सुनवाई का अवसर देने के बाद ही कर चोरी का अंतिम निर्धारण किया जाएगा। जांच पूरी होने पर कर चोरी की रकम और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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