बेतिया में पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार की शाम बेतिया पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने पुलिस केंद्र में व्यापक परेड निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न थानों, पुलिस अंचल कार्यालयों और पुलिस केंद्र में उपलब्ध सरकारी वाहनों की गहन जांच की गई। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी पुलिस वाहन तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम हों और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपयोग के लिए तैयार रहें। वाहनों की तकनीकी स्थिति की बारीकी से जांच परेड निरीक्षण के दौरान एसपी ने एक-एक कर सभी वाहनों की भौतिक और तकनीकी स्थिति का जायजा लिया। इसमें सायरन लाइट, हूटर, वायरिंग, ब्रेक सिस्टम, टायर की स्थिति और इंजन की कार्यक्षमता की जांच की गई। पुलिस अधीक्षक ने यह भी देखा कि वाहन स्टार्ट होने में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है और वे सड़कों पर तेज प्रतिक्रिया के लिए उपयुक्त हैं या नहीं। सुरक्षा और आपात उपकरणों पर विशेष जोर निरीक्षण के क्रम में वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा और आपातकालीन उपकरणों की भी विस्तार से जांच की गई। इसमें लाठी, बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, प्राथमिक उपचार किट, फर्स्ट एड बॉक्स सहित अन्य जरूरी संसाधन शामिल थे। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी वाहन में आवश्यक उपकरणों की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में यही उपकरण पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रखरखाव और साफ-सफाई पर सख्त निर्देश पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने वाहनों के रखरखाव और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने परिवहन शाखा के परिचारी और चालकों को निर्देश दिया कि वाहनों की नियमित सर्विसिंग कराई जाए और छोटी-छोटी तकनीकी खामियों को नजरअंदाज न किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर मरम्मत न होने से बड़े हादसे और आपात स्थिति में देरी हो सकती है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। “लापरवाही बर्दाश्त नहीं” : एसपी निरीक्षण के दौरान एसपी ने साफ शब्दों में कहा कि आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस वाहनों का दुरुस्त रहना बेहद जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन वाहनों में तकनीकी खामियां पाई गई हैं, उन्हें शीघ्र दुरुस्त कराया जाए और इसकी रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाए। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की रही मौजूदगी परेड निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक रक्षित, परिवहन शाखा के परिचारी, विभिन्न थानों के चालक तथा अन्य पदाधिकारी और पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान एसपी ने मौके पर ही कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और संबंधित अधिकारियों से वाहनों की स्थिति को लेकर फीडबैक भी लिया। कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम पुलिस प्रशासन की इस पहल को जिले में कानून-व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित निरीक्षण से न केवल वाहनों की कार्यक्षमता बनी रहती है, बल्कि पुलिस बल की तत्परता और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। आम लोगों में बढ़ेगा भरोसा स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस वाहनों की बेहतर स्थिति और त्वरित प्रतिक्रिया से अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी और आम जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होगा। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले में किसी भी आपात स्थिति, अपराध या कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले में बिना किसी देरी के प्रभावी कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन के इस निरीक्षण को बेतिया में सक्रिय और जवाबदेह पुलिसिंग की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। बेतिया में पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त तथा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार की शाम बेतिया पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने पुलिस केंद्र में व्यापक परेड निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न थानों, पुलिस अंचल कार्यालयों और पुलिस केंद्र में उपलब्ध सरकारी वाहनों की गहन जांच की गई। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी पुलिस वाहन तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम हों और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपयोग के लिए तैयार रहें। वाहनों की तकनीकी स्थिति की बारीकी से जांच परेड निरीक्षण के दौरान एसपी ने एक-एक कर सभी वाहनों की भौतिक और तकनीकी स्थिति का जायजा लिया। इसमें सायरन लाइट, हूटर, वायरिंग, ब्रेक सिस्टम, टायर की स्थिति और इंजन की कार्यक्षमता की जांच की गई। पुलिस अधीक्षक ने यह भी देखा कि वाहन स्टार्ट होने में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है और वे सड़कों पर तेज प्रतिक्रिया के लिए उपयुक्त हैं या नहीं। सुरक्षा और आपात उपकरणों पर विशेष जोर निरीक्षण के क्रम में वाहनों में उपलब्ध सुरक्षा और आपातकालीन उपकरणों की भी विस्तार से जांच की गई। इसमें लाठी, बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, प्राथमिक उपचार किट, फर्स्ट एड बॉक्स सहित अन्य जरूरी संसाधन शामिल थे। एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी वाहन में आवश्यक उपकरणों की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में यही उपकरण पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रखरखाव और साफ-सफाई पर सख्त निर्देश पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने वाहनों के रखरखाव और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने परिवहन शाखा के परिचारी और चालकों को निर्देश दिया कि वाहनों की नियमित सर्विसिंग कराई जाए और छोटी-छोटी तकनीकी खामियों को नजरअंदाज न किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर मरम्मत न होने से बड़े हादसे और आपात स्थिति में देरी हो सकती है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। “लापरवाही बर्दाश्त नहीं” : एसपी निरीक्षण के दौरान एसपी ने साफ शब्दों में कहा कि आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस वाहनों का दुरुस्त रहना बेहद जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन वाहनों में तकनीकी खामियां पाई गई हैं, उन्हें शीघ्र दुरुस्त कराया जाए और इसकी रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाए। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की रही मौजूदगी परेड निरीक्षण के दौरान पुलिस उपाधीक्षक रक्षित, परिवहन शाखा के परिचारी, विभिन्न थानों के चालक तथा अन्य पदाधिकारी और पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान एसपी ने मौके पर ही कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और संबंधित अधिकारियों से वाहनों की स्थिति को लेकर फीडबैक भी लिया। कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम पुलिस प्रशासन की इस पहल को जिले में कानून-व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित निरीक्षण से न केवल वाहनों की कार्यक्षमता बनी रहती है, बल्कि पुलिस बल की तत्परता और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। आम लोगों में बढ़ेगा भरोसा स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस वाहनों की बेहतर स्थिति और त्वरित प्रतिक्रिया से अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी और आम जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होगा। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले में किसी भी आपात स्थिति, अपराध या कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले में बिना किसी देरी के प्रभावी कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन के इस निरीक्षण को बेतिया में सक्रिय और जवाबदेह पुलिसिंग की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।


