खगड़िया में 17 अभ्यर्थियों को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र:शिक्षा विभाग ने दिवंगत कर्मियों के आश्रितों को दिया सरकारी सेवा का अवसर

खगड़िया में 17 अभ्यर्थियों को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र:शिक्षा विभाग ने दिवंगत कर्मियों के आश्रितों को दिया सरकारी सेवा का अवसर

शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की अनुकम्पा नियुक्ति योजना के तहत खगड़िया में शुक्रवार को एक भावनात्मक और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाहरणालय, खगड़िया में आयोजित इस समारोह में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लिपिक और परिचारी पदों पर चयनित 17 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। यह कार्यक्रम 09 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ, जिसमें दिवंगत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के आश्रितों को सम्मानजनक रोजगार का अवसर मिला। जिलाधिकारी ने किया कार्यक्रम की अध्यक्षता नियुक्ति पत्र वितरण समारोह की अध्यक्षता जिलाधिकारी खगड़िया श्री नवीन कुमार (भा.प्र.से.) ने की। जिला शिक्षा अनुकम्पा समिति द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के उपरांत चयनित अभ्यर्थियों को जिलाधिकारी ने स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ झलक रहा था, क्योंकि यह नौकरी उनके परिवारों के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनेगी। योजना से मिला आश्रित परिवारों को नया सहारा अनुकम्पा नियुक्ति योजना शिक्षा विभाग की एक मानवीय और संवेदनशील पहल मानी जाती है। इस योजना का उद्देश्य विभाग में कार्यरत दिवंगत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराकर उनके परिवार को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। कार्यक्रम में यह बात स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई कि यह योजना केवल नौकरी नहीं, बल्कि संघर्षरत परिवारों के लिए एक नई शुरुआत है। वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में जिले के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें वरीय पुलिस अधीक्षक खगड़िया श्री राकेश कुमार, उप विकास आयुक्त श्री अभिषेक पलासिया, वरीय उप समाहर्त्ता श्री विकास सुगंध, अनुमंडल पदाधिकारी खगड़िया एवं गोगरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री अमरेन्द्र कुमार गोंड, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) श्री शिवम् तथा कार्यक्रम पदाधिकारी सुश्री आकांक्षा चौधरी प्रमुख रूप से शामिल थे। शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी और कर्मी भी समारोह में मौजूद रहे। “सरकारी सेवा जिम्मेदारी का प्रतीक” : डीएम अपने संबोधन में जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार ने सभी नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी का साधन नहीं, बल्कि यह समाज और शासन के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सभी नियुक्त कर्मी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में योगदान देंगे। भावनात्मक संदेश ने छुआ सभी का दिल कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल भावुक हो गया, जब मंच से यह पंक्ति सामने आई—“सूखी रोटी खाएंगे, फिर भी स्कूल जाएंगे।”यह संदेश न केवल शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है, बल्कि उन परिवारों के संघर्ष और संकल्प को भी उजागर करता है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। उपस्थित अधिकारियों और अभ्यर्थियों के बीच यह संदेश प्रेरणा का स्रोत बना। शासन की सोच का सशक्त उदाहरण नियुक्ति पत्र वितरण समारोह शासन की उस सोच का सशक्त उदाहरण बना, जिसमें कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कार्यक्रम के अंत में सभी चयनित अभ्यर्थियों ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल प्रभावित परिवारों को राहत देती हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था के प्रति आम लोगों के विश्वास को भी मजबूत करती हैं। अनुकम्पा नियुक्ति योजना के माध्यम से खगड़िया जिले के 17 परिवारों को आज एक नई उम्मीद और स्थिर भविष्य की राह मिली है। शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की अनुकम्पा नियुक्ति योजना के तहत खगड़िया में शुक्रवार को एक भावनात्मक और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाहरणालय, खगड़िया में आयोजित इस समारोह में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लिपिक और परिचारी पदों पर चयनित 17 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। यह कार्यक्रम 09 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ, जिसमें दिवंगत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के आश्रितों को सम्मानजनक रोजगार का अवसर मिला। जिलाधिकारी ने किया कार्यक्रम की अध्यक्षता नियुक्ति पत्र वितरण समारोह की अध्यक्षता जिलाधिकारी खगड़िया श्री नवीन कुमार (भा.प्र.से.) ने की। जिला शिक्षा अनुकम्पा समिति द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के उपरांत चयनित अभ्यर्थियों को जिलाधिकारी ने स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ झलक रहा था, क्योंकि यह नौकरी उनके परिवारों के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनेगी। योजना से मिला आश्रित परिवारों को नया सहारा अनुकम्पा नियुक्ति योजना शिक्षा विभाग की एक मानवीय और संवेदनशील पहल मानी जाती है। इस योजना का उद्देश्य विभाग में कार्यरत दिवंगत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराकर उनके परिवार को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। कार्यक्रम में यह बात स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई कि यह योजना केवल नौकरी नहीं, बल्कि संघर्षरत परिवारों के लिए एक नई शुरुआत है। वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में जिले के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें वरीय पुलिस अधीक्षक खगड़िया श्री राकेश कुमार, उप विकास आयुक्त श्री अभिषेक पलासिया, वरीय उप समाहर्त्ता श्री विकास सुगंध, अनुमंडल पदाधिकारी खगड़िया एवं गोगरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री अमरेन्द्र कुमार गोंड, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) श्री शिवम् तथा कार्यक्रम पदाधिकारी सुश्री आकांक्षा चौधरी प्रमुख रूप से शामिल थे। शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी और कर्मी भी समारोह में मौजूद रहे। “सरकारी सेवा जिम्मेदारी का प्रतीक” : डीएम अपने संबोधन में जिलाधिकारी श्री नवीन कुमार ने सभी नव-नियुक्त अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी का साधन नहीं, बल्कि यह समाज और शासन के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सभी नियुक्त कर्मी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा विद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में योगदान देंगे। भावनात्मक संदेश ने छुआ सभी का दिल कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल भावुक हो गया, जब मंच से यह पंक्ति सामने आई—“सूखी रोटी खाएंगे, फिर भी स्कूल जाएंगे।”यह संदेश न केवल शिक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाता है, बल्कि उन परिवारों के संघर्ष और संकल्प को भी उजागर करता है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। उपस्थित अधिकारियों और अभ्यर्थियों के बीच यह संदेश प्रेरणा का स्रोत बना। शासन की सोच का सशक्त उदाहरण नियुक्ति पत्र वितरण समारोह शासन की उस सोच का सशक्त उदाहरण बना, जिसमें कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। कार्यक्रम के अंत में सभी चयनित अभ्यर्थियों ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल प्रभावित परिवारों को राहत देती हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था के प्रति आम लोगों के विश्वास को भी मजबूत करती हैं। अनुकम्पा नियुक्ति योजना के माध्यम से खगड़िया जिले के 17 परिवारों को आज एक नई उम्मीद और स्थिर भविष्य की राह मिली है।  

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