औरंगाबाद में ओबरा थाना क्षेत्र के हेमजा गांव में बोरसी से अलाव तापने के दौरान झुलसी एक बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार को उस समय हुआ, जब महिला ठंड से बचने के लिए अपने घर में ही आग ताप रही थी। आज महिला ने सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान हेमजा गांव निवासी बुधिया कुंवर के रूप में की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बुधिया कुंवर बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थी। ठंड से बचने के लिए बोरसी जलाकर आग तापना उसकी मजबूरी थी। लेकिन यही आग उसकी जान की दुश्मन बन गई। बता दें कि परिजन आग पर काबू पाने के बाद तुरंत महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओबरा ले गए थे। ओबरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया। लेकिन, यहां उसकी मौत हो गई है। बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए परिजन महिला की मौत के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया और अंतिम संस्कार के लिए शव को घर ले गए। औरंगाबाद में ओबरा थाना क्षेत्र के हेमजा गांव में बोरसी से अलाव तापने के दौरान झुलसी एक बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा गुरुवार को उस समय हुआ, जब महिला ठंड से बचने के लिए अपने घर में ही आग ताप रही थी। आज महिला ने सदर अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान हेमजा गांव निवासी बुधिया कुंवर के रूप में की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बुधिया कुंवर बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थी। ठंड से बचने के लिए बोरसी जलाकर आग तापना उसकी मजबूरी थी। लेकिन यही आग उसकी जान की दुश्मन बन गई। बता दें कि परिजन आग पर काबू पाने के बाद तुरंत महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओबरा ले गए थे। ओबरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया। लेकिन, यहां उसकी मौत हो गई है। बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए परिजन महिला की मौत के बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया और अंतिम संस्कार के लिए शव को घर ले गए।


