Mamata Banerjee Protest Rally: पश्चिम बंगाल में गुरुवार को I-PAC के ऑफिस में ईडी द्वारा छापा मारने के बाद सियासी संग्राम तेज हो गया है। शुक्रवार को कोलकाता में सीएम ममता बनर्जी ने इसके विरोध में एक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर निशाना साधा। रैली को संबोधित करते हुए सीएम बनर्जी ने बड़ा दावा भी किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव हैं।
नेताओं के पास पहुंचती है घोटाले की रकम
रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली में बीजेपी के बड़े नेताओं तक कोयला घोटाले की रकम पहुंचती है। सुवेंदु अधिकारी ने कोयला घोटाले का पैसा का इस्तेमाल किया और अमित शाह को भेजा है।
सीएम बनर्जी ने आगे कहा कि मेरे पास इसके सबूत हैं और जरूरत पड़ी तो मैं इन्हें लोगों के सामने पेश कर सकती हूं। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुझे छेड़ता है तो मैं भी छोड़ती नहीं हूं।
BJP नहीं जीत पाएगी बंगाल चुनाव
सीएम बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी जीतेगी और इसके बाद उन्हें दिल्ली भी जीतनी होगी। बनर्जी ने कहा कि बीजेपी देश में शासन नहीं कर सकती।
चुनाव आयोग पर भी साधा निशना
इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि आप जानते हैं कि इलेक्शन कमीशन में कौन बैठा है। वे अमित शाह के कोऑपरेशन डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी थे। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। मैं उन्हें चैलेंज करती हूं कि वे हरियाणा और बिहार में जबरदस्ती सत्ता में आए। एक और राज्य में, वे जबरदस्ती सत्ता में आए। अब वे बंगाल में ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं।
महाराष्ट्र का चुनाव चुरा लिया
उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनाव आयोग की मदद से महाराष्ट्र का भी चुनाव चुरा लिया। अब वैध मतदाताओं के नाम हटाकर विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के माध्यम से बंगाल में भी ऐसा ही करने का प्रयास कर रही है।
बनर्जी ने कहा कि अगर आप बंगाली में बात करते हैं, तो वे आपको बांग्लादेशी घोषित कर देते हैं। वे कहते हैं कि बंगाल में रोहिंग्या मौजूद हैं, लेकिन रोहिंग्या हैं कहाँ? अगर असम में रोहिंग्या नहीं हैं, तो वहाँ एसआईआर क्यों शुरू नहीं किया गया? यह सब इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे महाराष्ट्र और हरियाणा की तरह बंगाल में भी सत्ता में आना चाहते हैं। लेकिन यह संभव नहीं है।


