पुलिस अधीक्षक नालंदा के निर्देशानुसार पुलिस लाइन में आज एक व्यापक गाड़ी परेड का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में जिले के समस्त सरकारी गाड़ी का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। पुलिस विभाग की तत्परता और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की क्षमता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ये हुआ है। यह पहल जिले में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परेड के दौरान प्रत्येक गाड़ी की तकनीकी स्थिति से लेकर दस्तावेजों तक की बारीकी से पड़ताल की गई। सम्पूर्ण निरीक्षण की प्रक्रिया पुलिस लाइन में आयोजित इस वाहन परेड में विभाग के प्रत्येक सरकारी वाहन को कड़ी जांच के दायरे में लाया गया। निरीक्षण दल ने वाहनों की समग्र फिटनेस, इंजन की स्थिति, और यांत्रिक दक्षता की विस्तृत जांच की। इसके अतिरिक्त, वाहनों से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों जैसे रजिस्ट्रेशन, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र और फिटनेस सर्टिफिकेट की भी सत्यापन किया गया। विशेष रूप से आपातकालीन उपकरणों पर ध्यान केंद्रित किया गया। हर वाहन में लगे सायरन, आपातकालीन लाइटिंग सिस्टम, वायरलेस संचार उपकरण व अन्य जरूरी साजो-सामान की कार्यशील स्थिति की जांच की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि संकट की घड़ी में ये उपकरण बिना किसी बाधा के काम कर सकें। एसपी के सख्त दिशा-निर्देश वाहन परेड के दौरान पुलिस अधीक्षक नालंदा भारत सोनी ने उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी वाहन हर समय पूरी तरह चालू और सक्रिय अवस्था में रहने चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में देरी बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है और कार्रवाई ही विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। एसपी ने वाहनों के रख-रखाव पर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी वाहनों की नियमित और समय-बद्ध तरीके से सर्विसिंग कराई जाए। वाहनों की स्वच्छता और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही, किसी भी प्रकार की खराबी या तकनीकी समस्या आने पर तुरंत मरम्मत कराने का आदेश दिया गया। पुलिस अधीक्षक नालंदा के निर्देशानुसार पुलिस लाइन में आज एक व्यापक गाड़ी परेड का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में जिले के समस्त सरकारी गाड़ी का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। पुलिस विभाग की तत्परता और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की क्षमता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ये हुआ है। यह पहल जिले में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परेड के दौरान प्रत्येक गाड़ी की तकनीकी स्थिति से लेकर दस्तावेजों तक की बारीकी से पड़ताल की गई। सम्पूर्ण निरीक्षण की प्रक्रिया पुलिस लाइन में आयोजित इस वाहन परेड में विभाग के प्रत्येक सरकारी वाहन को कड़ी जांच के दायरे में लाया गया। निरीक्षण दल ने वाहनों की समग्र फिटनेस, इंजन की स्थिति, और यांत्रिक दक्षता की विस्तृत जांच की। इसके अतिरिक्त, वाहनों से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों जैसे रजिस्ट्रेशन, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र और फिटनेस सर्टिफिकेट की भी सत्यापन किया गया। विशेष रूप से आपातकालीन उपकरणों पर ध्यान केंद्रित किया गया। हर वाहन में लगे सायरन, आपातकालीन लाइटिंग सिस्टम, वायरलेस संचार उपकरण व अन्य जरूरी साजो-सामान की कार्यशील स्थिति की जांच की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि संकट की घड़ी में ये उपकरण बिना किसी बाधा के काम कर सकें। एसपी के सख्त दिशा-निर्देश वाहन परेड के दौरान पुलिस अधीक्षक नालंदा भारत सोनी ने उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी वाहन हर समय पूरी तरह चालू और सक्रिय अवस्था में रहने चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में देरी बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है और कार्रवाई ही विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। एसपी ने वाहनों के रख-रखाव पर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी वाहनों की नियमित और समय-बद्ध तरीके से सर्विसिंग कराई जाए। वाहनों की स्वच्छता और साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही, किसी भी प्रकार की खराबी या तकनीकी समस्या आने पर तुरंत मरम्मत कराने का आदेश दिया गया।


