बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सह सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद ने लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार सहित 44 आरोपियों की कोर्ट में पेशी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना साधा। प्रसाद ने कहा कि जब लालू प्रसाद यादव भारत सरकार के रेल मंत्री थे, उसी दौरान जमीन के बदले नौकरी देने का बड़ा घोटाला हुआ था। अब इस मामले में आरोप तय हो चुके हैं और आगे सुनवाई चलेगी। उन्हें सजा मिलनी तय है
उन्होंने इस मामले को सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बताया। प्रसाद के अनुसार, पैसे या जमीन लेकर नौकरी देना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था का दुरुपयोग है। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव, जो खुद को गरीबों और पिछड़ों का मसीहा बताते थे, उन्होंने असल में उन्हीं का सबसे बड़ा शोषण किया है। प्रसाद ने कहा कि अब कानून अपना काम करेगा और उन्हें सजा मिलनी तय है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अदालत के सामने पेशी इस बात का प्रमाण है कि देश में कानून सबके लिए बराबर है, चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो। वहीं, पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर भी तारकिशोर प्रसाद ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला। एजेंसी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करती
उन्होंने बताया कि ईडी की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी और यह एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। जब यह एजेंसी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो जिन पर आरोप होते हैं, उन्हें स्वाभाविक रूप से परेशानी होती है। प्रसाद ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर कर रही हैं। ईडी की कार्रवाई में हस्तक्षेप करना, सरकारी दस्तावेजों को गायब करना और सड़कों पर उतरकर एजेंसियों के खिलाफ प्रदर्शन करना, यह सब संविधान के खिलाफ है। लोकतंत्र दोनों के लिए खतरनाक बनता जा रहा
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान पूरे देश के लिए है, लेकिन ममता बनर्जी का व्यवहार संविधान और लोकतंत्र दोनों के लिए खतरनाक बनता जा रहा है। प्रसाद ने दावा किया कि जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतंत्र इसका जवाब देगा। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सह सदर विधायक तारकिशोर प्रसाद ने लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार सहित 44 आरोपियों की कोर्ट में पेशी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना साधा। प्रसाद ने कहा कि जब लालू प्रसाद यादव भारत सरकार के रेल मंत्री थे, उसी दौरान जमीन के बदले नौकरी देने का बड़ा घोटाला हुआ था। अब इस मामले में आरोप तय हो चुके हैं और आगे सुनवाई चलेगी। उन्हें सजा मिलनी तय है
उन्होंने इस मामले को सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बताया। प्रसाद के अनुसार, पैसे या जमीन लेकर नौकरी देना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था का दुरुपयोग है। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव, जो खुद को गरीबों और पिछड़ों का मसीहा बताते थे, उन्होंने असल में उन्हीं का सबसे बड़ा शोषण किया है। प्रसाद ने कहा कि अब कानून अपना काम करेगा और उन्हें सजा मिलनी तय है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अदालत के सामने पेशी इस बात का प्रमाण है कि देश में कानून सबके लिए बराबर है, चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो। वहीं, पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर भी तारकिशोर प्रसाद ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला। एजेंसी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करती
उन्होंने बताया कि ईडी की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी और यह एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। जब यह एजेंसी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो जिन पर आरोप होते हैं, उन्हें स्वाभाविक रूप से परेशानी होती है। प्रसाद ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर कर रही हैं। ईडी की कार्रवाई में हस्तक्षेप करना, सरकारी दस्तावेजों को गायब करना और सड़कों पर उतरकर एजेंसियों के खिलाफ प्रदर्शन करना, यह सब संविधान के खिलाफ है। लोकतंत्र दोनों के लिए खतरनाक बनता जा रहा
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान पूरे देश के लिए है, लेकिन ममता बनर्जी का व्यवहार संविधान और लोकतंत्र दोनों के लिए खतरनाक बनता जा रहा है। प्रसाद ने दावा किया कि जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतंत्र इसका जवाब देगा।


