लालू परिवार ने बिहार के साथ किया विश्वासघात:संजय सरावगी बोले- कानून से कोई ऊपर नहीं, मामला गरीबों-युवाओं के हक से जुड़ा

लालू परिवार ने बिहार के साथ किया विश्वासघात:संजय सरावगी बोले- कानून से कोई ऊपर नहीं, मामला गरीबों-युवाओं के हक से जुड़ा

दरभंगा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने लैंड फॉर जॉब मामले में बयान दिया है। इन्होंने कहा है कि अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है कि कानून से कोई ऊपर नहीं है। कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटा तेज प्रताप यादव, तेजस्वी, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव समेत कुल 41 लोगों पर आरोप तय किए हैं। इन सभी आरोपियों पर अब नियमित रूप से कोर्ट में मुकदमा चलेगा। वहीं, इस मामले में अदालत ने 52 लोगों को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला गरीबों और युवाओं के हक से जुड़ा है, जिनके साथ नौकरी के बदले जमीन लेकर अन्याय किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सालों तक सत्ता में रह कर लालू परिवार ने अपने पद का दुरुपयोग किया, जिसकी अब कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाबदेही तय हो रही है। जनता के साथ विश्वासघात हुआ संजय सरावगी ने कहा कि कोर्ट का आरोप तय करना इस बात का प्रमाण है कि वो कई घोटाले के आरोपी है। नौकरी दिलाने के बदले जमीन लिखवाने का यह मामला बिहार की जनता के साथ किए गए गंभीर विश्वासघात को दर्शाता है। संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि राजनीति को माध्यम बनाकर लालू परिवार ने साल तक लूट की है। चाहे पशुपालन घोटाला हो या अन्य भ्रष्टाचार के मामले, हर जगह उनके शासनकाल में लूट की कहानी सामने आई। नौकरी के नाम पर गरीबों से जमीन लिखवाना अत्यंत अमानवीय कृत्य था, जिसकी पोल अब कोर्ट ने खोलकर रख दी है। आने वाले समय में इस मामले में और भी पुख्ता सबूत सामने आएंगे और अदालत दोषियों को सजा देगी। संजय सरावगी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के योगदान को याद करते हुए कहा कि पशुपालन घोटाले सहित लालू परिवार से जुड़े विभिन्न घोटालों को सामने लाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है।उन्होंने अंत में कहा कि चाहे कांग्रेस हो, राजद हो या उनके समर्थक अन्य दल—इस बार बिहार की जनता ने सभी को सिरे से नकार दिया है और आने वाले चुनावों में भी जनता का फैसला साफ नजर आएगा। दरभंगा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने लैंड फॉर जॉब मामले में बयान दिया है। इन्होंने कहा है कि अदालत के फैसले से यह साफ हो गया है कि कानून से कोई ऊपर नहीं है। कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटा तेज प्रताप यादव, तेजस्वी, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव समेत कुल 41 लोगों पर आरोप तय किए हैं। इन सभी आरोपियों पर अब नियमित रूप से कोर्ट में मुकदमा चलेगा। वहीं, इस मामले में अदालत ने 52 लोगों को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला गरीबों और युवाओं के हक से जुड़ा है, जिनके साथ नौकरी के बदले जमीन लेकर अन्याय किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सालों तक सत्ता में रह कर लालू परिवार ने अपने पद का दुरुपयोग किया, जिसकी अब कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाबदेही तय हो रही है। जनता के साथ विश्वासघात हुआ संजय सरावगी ने कहा कि कोर्ट का आरोप तय करना इस बात का प्रमाण है कि वो कई घोटाले के आरोपी है। नौकरी दिलाने के बदले जमीन लिखवाने का यह मामला बिहार की जनता के साथ किए गए गंभीर विश्वासघात को दर्शाता है। संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि राजनीति को माध्यम बनाकर लालू परिवार ने साल तक लूट की है। चाहे पशुपालन घोटाला हो या अन्य भ्रष्टाचार के मामले, हर जगह उनके शासनकाल में लूट की कहानी सामने आई। नौकरी के नाम पर गरीबों से जमीन लिखवाना अत्यंत अमानवीय कृत्य था, जिसकी पोल अब कोर्ट ने खोलकर रख दी है। आने वाले समय में इस मामले में और भी पुख्ता सबूत सामने आएंगे और अदालत दोषियों को सजा देगी। संजय सरावगी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के योगदान को याद करते हुए कहा कि पशुपालन घोटाले सहित लालू परिवार से जुड़े विभिन्न घोटालों को सामने लाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है।उन्होंने अंत में कहा कि चाहे कांग्रेस हो, राजद हो या उनके समर्थक अन्य दल—इस बार बिहार की जनता ने सभी को सिरे से नकार दिया है और आने वाले चुनावों में भी जनता का फैसला साफ नजर आएगा।  

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