शेखपुरा में मेडिकल कॉलेज का विरोध शुरू:जितेंद्रनाथ के नेतृत्व में DM को ज्ञापन, 16 जनवरी को धरना

शेखपुरा में मेडिकल कॉलेज का विरोध शुरू:जितेंद्रनाथ के नेतृत्व में DM को ज्ञापन, 16 जनवरी को धरना

शेखपुरा में सरकार के प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को शेखोपुरसराय के खुड़िया बाजितपुर में खोले जाने का विरोध शुरू हो गया है। जिला मुख्यालय के लोगों ने इस स्थान को अव्यावहारिक और लोगों की आवश्यकता के विपरीत बताया है। शुक्रवार को राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (डीएम) शेखर आनंद को ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में जितेंद्र नाथ के साथ पप्पू राज मंडल, विपिन चौरसिया, प्रेम कुमार गुप्ता, अमीर कुमार और पिंटू कुमार सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल थे। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को लिखित ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए, आम नागरिकों ने 16 जनवरी को समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन का उद्देश्य सरकार पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण जिला मुख्यालय के आसपास करने का दबाव बनाना है। जितेंद्र नाथ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक होगा और इसमें सभी दलों के लोग और आम जनता शामिल होंगे। पर्याप्त सड़क और रेल मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध नहीं जितेंद्र नाथ ने विरोध का कारण बताते हुए कहा कि शेखोपुरसराय का खुड़िया बाजितपुर जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर है। यह स्थान जिले के अंतिम छोर पर स्थित है, जिसके बाद नवादा और नालंदा जिले की सीमाएं शुरू हो जाती हैं। इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र में आवागमन के लिए पर्याप्त सड़क और रेल मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। नालंदा जिले का पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहले से ही मौजूद उन्होंने यह भी बताया कि खुड़िया बाजितपुर से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर नालंदा जिले का पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहले से ही मौजूद है। इस प्रकार, 10 किलोमीटर के दायरे में दो मेडिकल कॉलेजों का होना और जिले के एक बड़े भूभाग को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रखना उचित नहीं है। चार-पांच किलोमीटर की परिधि में भूमि का चयन करना चाहिए प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी शेखर आनंद और जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की सुविधा अधिक से अधिक लोगों को सुलभता से मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन को जिला मुख्यालय के चार-पांच किलोमीटर की परिधि में भूमि का चयन करना चाहिए। शेखपुरा में सरकार के प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को शेखोपुरसराय के खुड़िया बाजितपुर में खोले जाने का विरोध शुरू हो गया है। जिला मुख्यालय के लोगों ने इस स्थान को अव्यावहारिक और लोगों की आवश्यकता के विपरीत बताया है। शुक्रवार को राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (डीएम) शेखर आनंद को ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में जितेंद्र नाथ के साथ पप्पू राज मंडल, विपिन चौरसिया, प्रेम कुमार गुप्ता, अमीर कुमार और पिंटू कुमार सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल थे। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को लिखित ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए, आम नागरिकों ने 16 जनवरी को समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन का उद्देश्य सरकार पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण जिला मुख्यालय के आसपास करने का दबाव बनाना है। जितेंद्र नाथ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक होगा और इसमें सभी दलों के लोग और आम जनता शामिल होंगे। पर्याप्त सड़क और रेल मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध नहीं जितेंद्र नाथ ने विरोध का कारण बताते हुए कहा कि शेखोपुरसराय का खुड़िया बाजितपुर जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर है। यह स्थान जिले के अंतिम छोर पर स्थित है, जिसके बाद नवादा और नालंदा जिले की सीमाएं शुरू हो जाती हैं। इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र में आवागमन के लिए पर्याप्त सड़क और रेल मार्ग की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। नालंदा जिले का पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहले से ही मौजूद उन्होंने यह भी बताया कि खुड़िया बाजितपुर से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर नालंदा जिले का पावापुरी मेडिकल कॉलेज पहले से ही मौजूद है। इस प्रकार, 10 किलोमीटर के दायरे में दो मेडिकल कॉलेजों का होना और जिले के एक बड़े भूभाग को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रखना उचित नहीं है। चार-पांच किलोमीटर की परिधि में भूमि का चयन करना चाहिए प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी शेखर आनंद और जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की सुविधा अधिक से अधिक लोगों को सुलभता से मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन को जिला मुख्यालय के चार-पांच किलोमीटर की परिधि में भूमि का चयन करना चाहिए।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *