श्योपुर जिले में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर कॉलोनियां काटने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम बगवाज में सीमांकन की कार्यवाही की। यह कार्रवाई शासकीय भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई। सीमांकन के दौरान अंजली पुत्री कृष्णकुमार गुप्ता द्वारा काटी गई एक अवैध कॉलोनी का मामला सामने आया। जांच में खसरा नंबर 562/2/8/2, जिसका कुल रकबा 2.090 हेक्टेयर है, में शासकीय भूमि होने की पुष्टि हुई। राजस्व अभिलेखों के अनुसार, यह भूमि निजी उपयोग या कॉलोनी विकास के लिए स्वीकृत नहीं थी, फिर भी यहां अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। इसके अतिरिक्त, आबादी भूमि सर्वे क्रमांक 562/2/4 पर लगभग 40×168 वर्गफुट क्षेत्र में भी अतिक्रमण पाया गया। मौके पर मौजूद राजस्व अमले ने अतिक्रमण की पुष्टि के बाद जेसीबी मशीन की सहायता से इसे हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोग मौजूद थे, जिन्हें प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा करना कानूनन अपराध होने की जानकारी दी गई। एसडीएम गगन मीणा ने बताया कि सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बताया की तहसीलदार को निर्देशित किया है की 248 के तहत इसका प्रकरण दर्ज करें, साथ ही नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिलेभर में ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जा रही है, जहां शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का प्लॉट या भूमि खरीदने से पहले कॉलोनी की वैध अनुमति, सीमांकन रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों की पूरी तरह जांच अवश्य करें। बिना अनुमति विकसित की गई अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि खरीदारों को कानूनी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।


