EPF प्रोफाइल में बदलाव को लेकर अक्सर कर्मचारियों के बीच भ्रम की स्थिति बनी रहती है, क्योंकि अलग-अलग समय पर नियमों में संशोधन किए गए हैं और प्रक्रिया को ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से जोड़ा गया है। ईपीएफओ (Employees Provident Fund Organisation) ने हाल के वर्षों में प्रोफाइल अपडेट को आसान बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया है, जिससे कर्मचारी बिना ज्यादा दस्तावेज के कई जानकारियां सुधार सकते हैं। मौजूदा नियमों के तहत EPF अकाउंट में नाम, जन्मतिथि, वैवाहिक स्थिति और Nationality जैसे विवरणों में बदलाव की सुविधा दी गई है, हालांकि इसके लिए UAN की स्थिति और Aadhaar लिंक होना अहम शर्त मानी गई है।
इनमें बिना दस्तावेज बदलाव संभव
लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार EPF प्रोफाइल में कुछ ऐसे विवरण हैं, जिन्हें तय शर्तें पूरी होने पर बिना किसी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट के अपडेट किया जा सकता है। इनमें नाम, माता-पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति, जॉइनिंग डेट और लीविंग डेट शामिल हैं। यह सुविधा तभी मिलती है, जब UAN 1 अक्टूबर 2017 से पहले एक्टिव हुआ हो और Aadhaar से वेरिफाइड हो। ऑनलाइन प्रोसेस के दौरान सब्सक्राइबर को जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती और बदलाव सीधे सिस्टम में दर्ज हो जाता है।
Nationality के लिए नियम
EPFO की गाइडलाइंस के अनुसार Nationality में बदलाव सीमित परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। पहला मामला तब होता है, जब प्रोफाइल में Nationality कॉलम खाली हो और उसे Indian के रूप में अपडेट करना हो। दूसरा केस तब लागू होता है, जब Nationality को Indian से International में बदला जाना हो। इसके अलावा किसी अन्य स्थिति में Nationality अपडेट की अनुमति नहीं दी जाती। इस बदलाव के लिए भी UAN का Aadhaar से लिंक होना जरूरी माना गया है।
UAN और Aadhaar लिंक न होने पर प्रक्रिया
अगर UAN Aadhaar से लिंक नहीं है या किसी कर्मचारी के पास UAN ही नहीं है, तो ऑनलाइन बदलाव की सुविधा उपलब्ध नहीं होती। ऐसी स्थिति में फिजिकल जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर नियोक्ता को जमा करना होता है। नियोक्ता इस फॉर्म को अपने लॉगिन के जरिए EPFO सिस्टम में अपलोड करता है। इसके बाद सभी दस्तावेज संबंधित EPFO ऑफिस तक पहुंचते हैं और वहां से वेरिफिकेशन के बाद प्रोफाइल अपडेट की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
कंपनी बंद होने की स्थिति में क्या होगा
यदि किसी कर्मचारी की पुरानी कंपनी स्थायी रूप से बंद हो चुकी है, तो प्रोफाइल अपडेट के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस स्थिति में जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म को किसी अधिकृत अधिकारी से साइन करवाना जरूरी होता है। इनमें गजटेड ऑफिसर, नोटरी पब्लिक, सांसद, पोस्ट मास्टर या ग्राम पंचायत प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। सत्यापन के बाद यह फॉर्म सीधे EPFO ऑफिस में जमा कराया जाता है, जहां से प्रोफाइल में आवश्यक बदलाव दर्ज किए जाते हैं।


