H3N2 Flu Strain: ब्रिटेन में फैल रहा सुपरफ्लू इस बार पहले से ज्यादा गंभीर रूप लेता दिख रहा है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह फ्लू न सिर्फ तेज बुखार, बदन दर्द और कमजोरी दे रहा है, बल्कि लोगों की भूख पूरी तरह खत्म कर रहा है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि कई मरीजों को पीली पित्त (Yellow Bile) की उल्टियां होने लगी हैं, जिसे अब इस सुपरफ्लू का नया और अहम लक्षण माना जा रहा है।
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार फैल रहा H3N2 स्ट्रेन पहले से ज्यादा तेज और खतरनाक हो गया है। वायरस में हुए जेनेटिक बदलावों की वजह से लोग ज्यादा आसानी से इसकी चपेट में आ रहे हैं और लक्षण भी ज्यादा गंभीर हो रहे हैं।
खाली पेट उल्टी की वजह से आ रही है पीली पित्त
यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया के संक्रामक रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर पॉल हंटर ने बताया कि पीली पित्त की उल्टी आमतौर पर तब होती है जब इंसान खाली पेट बार-बार उल्टी करता है। फ्लू की वजह से पेट की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है और जब पेट में कुछ नहीं होता, तो पित्त बाहर आने लगता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि इसे लोग अक्सर स्टमक फ्लू समझ लेते हैं, जबकि यह आम फ्लू का ही हिस्सा हो सकता है।
पेट से जुड़े वायरस भी दे सकते हैं ऐसे लक्षण
विशेषज्ञों का कहना है कि पीली पित्त की उल्टी नोरोवायरस और रोटावायरस जैसे पेट से जुड़े वायरस में भी देखी जाती है। हालांकि इस समय ये वायरस आमतौर पर कम फैलते हैं, लेकिन फिर भी कुछ मामलों में पाए जा रहे हैं।
पानी पीते रहना सबसे जरूरी
यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के वायरोलॉजी एक्सपर्ट प्रोफेसर स्टीफन ग्रिफिन ने सलाह दी है कि अगर किसी को पीली पित्त की उल्टी हो रही है, तो सबसे जरूरी है खुद को हाइड्रेट रखना। उन्होंने कहा, “अगर उल्टी हो रही हो तब भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए, क्योंकि शरीर कुछ मात्रा में पानी सोख ही लेता है।” इससे डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है।
सुपरफ्लू के अन्य लक्षण
इस बार के सुपरफ्लू में लोग इन लक्षणों की शिकायत ज्यादा कर रहे हैं:
- तेज बुखार
- बदन और जोड़ों में दर्द
- अत्यधिक कमजोरी
- सूखी खांसी
- थकान और सुस्ती
- भूख न लगना
वैक्सीन लेने की सलाह
ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों से फ्लू वैक्सीन लेने की अपील की है। उनका कहना है कि टीकाकरण से फ्लू का खतरा कम हो सकता है और अगर संक्रमण हो भी जाए, तो अस्पताल में भर्ती होने की संभावना घट जाती है। डॉक्टरों की सलाह है कि अगर उल्टी, तेज बुखार या कमजोरी ज्यादा बढ़े, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और लापरवाही न बरतें।


