जालौन जनपद की कोंच तहसील अंतर्गत ग्राम रवा में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई थी, जब मटर के खेतों में अचानक तेंदुआ दिखाई देने की सूचना ग्रामीणों को मिली थी। खेतों में काम कर रहे किसानों ने तेंदुए को देखकर शोर मचाया, जिसके बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया था, सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया और वन प्राधिकारी (DFO( प्रदीप कुमार यादव के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था। गुरुवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान ड्रोन कैमरे की मदद से तेंदुआ खेतों के आसपास नजर आया। ड्रोन कैमरे ने तेंदुए के काफी नजदीक जाकर फुटेज भी कैद किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण रात में सर्च ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ प्रदीप कुमार यादव ने आसपास के गांवों में डुगडुगी पिटवाकर ग्रामीणों को सतर्क किया और अकेले बाहर न निकलने की हिदायत दी। साथ ही बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और खेतों की ओर न जाने की सलाह दी गई। शुक्रवार सुबह से एक बार फिर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया। दो ड्रोन कैमरों की मदद से उन सभी इलाकों की निगरानी की जा रही है, जहां गुरुवार को तेंदुआ नजर आया था। हालांकि अब तक तेंदुए की सटीक लोकेशन का पता नहीं चल सका है। वन विभाग को खेतों और आसपास के इलाकों में तेंदुए के पंजों के निशान जरूर मिले हैं, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि तेंदुआ जंगल की ओर बढ़ गया है। इसके बावजूद एहतियातन पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया है। इस संबंध में वन प्राधिकारी (DFO) प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही है और जैसे ही तेंदुए की लोकेशन कन्फर्म होगी, उसे रेस्क्यू कर लिया जाएगा।


