औरंगाबाद में बनेगा अटल कला भवन, 620 सीटों की क्षमता:करीब 20 करोड़ की लागत से होगा निर्माण, भवन निर्माण विभाग को सौंपी गई है जिम्मेदारी

औरंगाबाद में बनेगा अटल कला भवन, 620 सीटों की क्षमता:करीब 20 करोड़ की लागत से होगा निर्माण, भवन निर्माण विभाग को सौंपी गई है जिम्मेदारी

औरंगाबाद जिले को जल्द ही एक आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र की सौगात मिलने जा रही है। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से जिले में 620 दर्शक क्षमता वाले अटल कला भवन के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री के प्रस्ताव पर विभाग ने 19 करोड़ 73 लाख 26 हजार रुपए की प्रशासनिक मंजूरी दी है। स्वीकृति के बाद भवन निर्माण से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित अटल कला भवन का निर्माण उत्तर कोयल नहर प्रमंडल, औरंगाबाद के परिसर में निर्माणाधीन संयुक्त कार्यालय सह कोषागार भवन के समीप किया जाएगा। यह भवन लगभग 60 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में निर्मित होगा। संयुक्त कार्यालय एवं कोषागार भवन के लिए आवंटित भूमि में से शेष बचे भू-भाग पर अटल कला भवन के निर्माण की अनुमति दी गई है। अंचल अधिकारी औरंगाबाद की ओर से निर्माण स्थल का नजरी नक्शा भी समर्पित कर दिया गया है। सिंचाई विभाग की 15 एकड़ भूमि का अधिग्रहण औरंगाबाद का पुराना समाहरणालय भवन काफी जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। भवन में जगह-जगह दरारें हैं और छत से पानी टपकने की समस्या बनी रहती है। कई बार बालकनी टूटकर गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिसमें अधिकारियों को चोटें आई हैं। इसी को देखते हुए नए समाहरणालय परिसर के अंतर्गत संयुक्त कार्यालय भवन (जी+5) एवं कोषागार भवन (जी+2) का निर्माण कराया जा रहा है। नए समाहरणालय के लिए सिंचाई विभाग की 15 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसका आदेश मगध प्रमंडल के आयुक्त द्वारा जारी किया गया था। अधिग्रहित भूमि पर निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि शेष भूमि पर अटल कला भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए रामडीहा मौजा में डीआरसीसी भवन से सटे 1.25 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। अटल कला भवन के निर्माण की जिम्मेवारी भवन निर्माण विभाग को सौंपी गई है। हालांकि स्वीकृति सितंबर माह के अंत में ही मिल गई थी, लेकिन आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब विभागीय स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अनुमोदित नक्शा प्राप्त होते ही निविदा की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह भवन जिले के सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। औरंगाबाद जिले को जल्द ही एक आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र की सौगात मिलने जा रही है। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की ओर से जिले में 620 दर्शक क्षमता वाले अटल कला भवन के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री के प्रस्ताव पर विभाग ने 19 करोड़ 73 लाख 26 हजार रुपए की प्रशासनिक मंजूरी दी है। स्वीकृति के बाद भवन निर्माण से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई है। प्रस्तावित अटल कला भवन का निर्माण उत्तर कोयल नहर प्रमंडल, औरंगाबाद के परिसर में निर्माणाधीन संयुक्त कार्यालय सह कोषागार भवन के समीप किया जाएगा। यह भवन लगभग 60 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में निर्मित होगा। संयुक्त कार्यालय एवं कोषागार भवन के लिए आवंटित भूमि में से शेष बचे भू-भाग पर अटल कला भवन के निर्माण की अनुमति दी गई है। अंचल अधिकारी औरंगाबाद की ओर से निर्माण स्थल का नजरी नक्शा भी समर्पित कर दिया गया है। सिंचाई विभाग की 15 एकड़ भूमि का अधिग्रहण औरंगाबाद का पुराना समाहरणालय भवन काफी जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। भवन में जगह-जगह दरारें हैं और छत से पानी टपकने की समस्या बनी रहती है। कई बार बालकनी टूटकर गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिसमें अधिकारियों को चोटें आई हैं। इसी को देखते हुए नए समाहरणालय परिसर के अंतर्गत संयुक्त कार्यालय भवन (जी+5) एवं कोषागार भवन (जी+2) का निर्माण कराया जा रहा है। नए समाहरणालय के लिए सिंचाई विभाग की 15 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसका आदेश मगध प्रमंडल के आयुक्त द्वारा जारी किया गया था। अधिग्रहित भूमि पर निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि शेष भूमि पर अटल कला भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए रामडीहा मौजा में डीआरसीसी भवन से सटे 1.25 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। अटल कला भवन के निर्माण की जिम्मेवारी भवन निर्माण विभाग को सौंपी गई है। हालांकि स्वीकृति सितंबर माह के अंत में ही मिल गई थी, लेकिन आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब विभागीय स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अनुमोदित नक्शा प्राप्त होते ही निविदा की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह भवन जिले के सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।  

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