हापुड़ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय द्वितीय ने हत्या के प्रयास के मामले में पिता और उसके दो बेटों को दोषी करार दिया है। न्यायाधीश ने तीनों दोषियों को दस-दस साल के कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला 24 नवंबर 2016 का है, जब गांव दस्तोई के शैलेंद्र कुमार अपनी पत्नी मुकेश देवी और छोटे भाई पुष्पेंद्र के साथ खेत पर अरहर की फसल कटवा रहे थे। उस समय खेत पर करीब 12 मजदूर भी काम कर रहे थे। शाम करीब चार बजे गांव के ही परशुराम, डालचंद, अमित, अनुज और सुमित खेत पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज कर मजदूरों को भगा दिया। जब शैलेंद्र कुमार ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने बलकटी और लाठी-डंडों से उनकी पत्नी और छोटे भाई पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शैलेंद्र कुमार ने 17 फरवरी 2018 को कोतवाली नगर में इस संबंध में तहरीर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश वीरेश चंद्रा ने परशुराम और उसके दो पुत्रों अमित व अनुज को दोषी पाया। वहीं, डालचंद और सुमित को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।


