भूमि विवादों का त्वरित निष्पादन, फर्जी दस्तावेजों पर सख्त कार्रवाई:बांका में DM-SP ने की भू-समाधान पोर्टल की समीक्षा, जनता दरबार लगाने का निर्देश

भूमि विवादों का त्वरित निष्पादन, फर्जी दस्तावेजों पर सख्त कार्रवाई:बांका में DM-SP ने की भू-समाधान पोर्टल की समीक्षा, जनता दरबार लगाने का निर्देश

बांका में गुरुवार शाम भूमि विवादों और भू-समाधान पोर्टल से संबंधित विषयों पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समाहरणालय सभागार बांका में जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसका मुख्य उद्देश्य भूमि विवाद से जुड़े मामलों की प्रभावी निगरानी, त्वरित समाधान और विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना था। बैठक के दौरान, भूमि विवाद से संबंधित मामलों की विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जानकारी दी गई। जिला पदाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना अध्यक्षों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों पर समयबद्ध निर्णय लिया जाए और भूमि विवादों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रथम दृष्टया संदेह होने पर जांच जरुरी विभागीय निर्देशों के आलोक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन मामलों में दस्तावेजों के फर्जी होने का प्रथम दृष्टया संदेह हो, उनकी गहन जांच अनिवार्य रूप से की जाए। यदि जांच के दौरान दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, जैसे अन्य आपराधिक मामलों में होती है। इसके अतिरिक्त, सभी थानों को नीलाम पत्र वादों से संबंधित नोटिसों का तामिला सुनिश्चित करने और जारी वारंटों का क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, बड़े बकायेदारों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का भी आदेश दिया गया। थानाध्यक्षों सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी रहे उपस्थित बैठक में पुलिस अधीक्षक बांका, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी नीलाम पत्र शाखा, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी और सभी थानाध्यक्षों सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। बांका में गुरुवार शाम भूमि विवादों और भू-समाधान पोर्टल से संबंधित विषयों पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समाहरणालय सभागार बांका में जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसका मुख्य उद्देश्य भूमि विवाद से जुड़े मामलों की प्रभावी निगरानी, त्वरित समाधान और विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना था। बैठक के दौरान, भूमि विवाद से संबंधित मामलों की विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जानकारी दी गई। जिला पदाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना अध्यक्षों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों पर समयबद्ध निर्णय लिया जाए और भूमि विवादों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रथम दृष्टया संदेह होने पर जांच जरुरी विभागीय निर्देशों के आलोक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन मामलों में दस्तावेजों के फर्जी होने का प्रथम दृष्टया संदेह हो, उनकी गहन जांच अनिवार्य रूप से की जाए। यदि जांच के दौरान दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, जैसे अन्य आपराधिक मामलों में होती है। इसके अतिरिक्त, सभी थानों को नीलाम पत्र वादों से संबंधित नोटिसों का तामिला सुनिश्चित करने और जारी वारंटों का क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, बड़े बकायेदारों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का भी आदेश दिया गया। थानाध्यक्षों सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी रहे उपस्थित बैठक में पुलिस अधीक्षक बांका, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी नीलाम पत्र शाखा, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी और सभी थानाध्यक्षों सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।  

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