किशनगंज जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने जिले में शीतलहर की गंभीर स्थिति बताई है, जिसका असर सुबह-शाम सबसे अधिक महसूस हो रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग विभिन्न इलाकों में अलाव का सहारा ले रहे हैं। चाय की दुकानों और चौक-चौराहों पर भीड़ देखी जा रही है। मजदूर वर्ग, रिक्शा चालक और दिहाड़ी मजदूर विशेष रूप से प्रभावित हैं, जिन्हें सुबह काम पर निकलने में कठिनाई हो रही है। घने कोहरे के कारण किशनगंज में दृश्यता (विजिबिलिटी) काफी कम हो गई है। इससे सड़क मार्ग पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है, जिसके चलते कई स्थानों पर दुर्घटनाएं भी दर्ज की गई हैं। 9 जनवरी तक बंद रहेंगे स्कूल ठंड के मद्देनजर जिले में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। किशनगंज में कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 9 जनवरी तक बंद रहेंगे। आंगनबाड़ी केंद्र और कोचिंग संस्थान भी इस अवधि में बंद रखे गए हैं। जिलाधिकारी ने बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह निर्णय लिया है। किसानों को भी ठंड और कोहरे के कारण खेतों में काम करने में परेशानी हो रही है। सब्जी और अन्य फसलों पर पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन द्वारा गरीबों के लिए अलाव की व्यवस्था की जा रही है, हालांकि कई इलाकों में यह सुविधा अपर्याप्त बताई जा रही है। किशनगंज जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने जिले में शीतलहर की गंभीर स्थिति बताई है, जिसका असर सुबह-शाम सबसे अधिक महसूस हो रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग विभिन्न इलाकों में अलाव का सहारा ले रहे हैं। चाय की दुकानों और चौक-चौराहों पर भीड़ देखी जा रही है। मजदूर वर्ग, रिक्शा चालक और दिहाड़ी मजदूर विशेष रूप से प्रभावित हैं, जिन्हें सुबह काम पर निकलने में कठिनाई हो रही है। घने कोहरे के कारण किशनगंज में दृश्यता (विजिबिलिटी) काफी कम हो गई है। इससे सड़क मार्ग पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है, जिसके चलते कई स्थानों पर दुर्घटनाएं भी दर्ज की गई हैं। 9 जनवरी तक बंद रहेंगे स्कूल ठंड के मद्देनजर जिले में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। किशनगंज में कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 9 जनवरी तक बंद रहेंगे। आंगनबाड़ी केंद्र और कोचिंग संस्थान भी इस अवधि में बंद रखे गए हैं। जिलाधिकारी ने बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह निर्णय लिया है। किसानों को भी ठंड और कोहरे के कारण खेतों में काम करने में परेशानी हो रही है। सब्जी और अन्य फसलों पर पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन द्वारा गरीबों के लिए अलाव की व्यवस्था की जा रही है, हालांकि कई इलाकों में यह सुविधा अपर्याप्त बताई जा रही है।


