जेटेट की नियमावली का ड्राफ्ट तैयार:स्कूलों में नियुक्ति का अवरोध खत्म होने की उम्मीद,   9 साल बाद परीक्षा का रास्ता साफ

जेटेट की नियमावली का ड्राफ्ट तैयार:स्कूलों में नियुक्ति का अवरोध खत्म होने की उम्मीद,   9 साल बाद परीक्षा का रास्ता साफ

ड्राफ्ट को कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद परीक्षा की तिथि होगी घोषित
झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। करीब नौ साल से अटकी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) को लेकर सरकार ने जेटेट-2025 की नई नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित कर उनका निराकरण भी कर लिया गया है। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही परीक्षा और आगे की नियुक्ति प्रक्रिया का रास्ता साफ हो जाएगा। जेटेट लंबे समय से राज्य में शिक्षक नियुक्ति में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी। परीक्षा नहीं होने से न सिर्फ नई भर्तियां ठप थीं, बल्कि सरकारी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी भी पैदा हो गई थी। नई नियमावली के जरिए सरकार ने परीक्षा और भर्ती की पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से स्पष्ट, विवाद-मुक्त और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने का दावा किया है। परीक्षा में देरी को लेकर मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंचा था। हाईकोर्ट ने 25 सितंबर को सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था कि जेटेट आयोजित होने तक राज्य में कोई नई शिक्षक भर्ती नहीं की जा सकती। साथ ही मार्च 2026 तक हर हाल में परीक्षा कराने का आदेश दिया गया था। इसी आदेश के बाद सरकार ने नियमावली को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज की और ड्राफ्ट तैयार किया। हालांकि, परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन नियमावली का ड्राफ्ट तैयार होना इस बात का संकेत है कि नौ साल बाद जेटेट कराने की दिशा में ठोस कदम बढ़ चुके हैं। अभ्यर्थियों को अब कैबिनेट की मुहर और परीक्षा तिथि की घोषणा का इंतजार है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
अब तक दो बार हुई परीक्षा…
2013 में पहली बार
2016 में दूसरी
2017 से 2025 : अब नहीं हुई 2024 में इसलिए रद्द हुई थी परीक्षा
वर्ष 2024 में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने जेटेट कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। करीब साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन भी जमा किए। लेकिन नई शिक्षा नीति के तहत पात्रता मानकों में बदलाव की तैयारी के कारण परीक्षा को बीच में ही रद्द कर दिया गया। सरकार को आशंका थी कि पुराने नियमों पर परीक्षा कराने से परिणाम बाद में कानूनी विवाद में फंस सकते हैं।
जानिए… क्या पड़ रहा है असर क्या बदलेगा नई नियमावली से शिक्षकों की कमी होगी दूर, क्वालिटी एजुकेशन मिलेगा
जेटेट की ड्राफ्ट नियमावली लागू होने से न केवल परीक्षा का कानूनी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया, पात्रता, विषय चयन और आरक्षण जैसे मुद्दों पर वर्षों से चले आ रहे विवादों का भी समाधान होगा। यह ड्राफ्ट लागू होते ही राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ होगा। फिलहाल शिक्षकों की भारी कमी के कारण राज्य के सरकारी स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन प्रभावित हो रही है।- नसीम अहमद, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के जानकार ड्राफ्ट को कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद परीक्षा की तिथि होगी घोषित
झारखंड में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। करीब नौ साल से अटकी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) को लेकर सरकार ने जेटेट-2025 की नई नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित कर उनका निराकरण भी कर लिया गया है। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही परीक्षा और आगे की नियुक्ति प्रक्रिया का रास्ता साफ हो जाएगा। जेटेट लंबे समय से राज्य में शिक्षक नियुक्ति में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी। परीक्षा नहीं होने से न सिर्फ नई भर्तियां ठप थीं, बल्कि सरकारी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी भी पैदा हो गई थी। नई नियमावली के जरिए सरकार ने परीक्षा और भर्ती की पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से स्पष्ट, विवाद-मुक्त और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने का दावा किया है। परीक्षा में देरी को लेकर मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंचा था। हाईकोर्ट ने 25 सितंबर को सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया था कि जेटेट आयोजित होने तक राज्य में कोई नई शिक्षक भर्ती नहीं की जा सकती। साथ ही मार्च 2026 तक हर हाल में परीक्षा कराने का आदेश दिया गया था। इसी आदेश के बाद सरकार ने नियमावली को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज की और ड्राफ्ट तैयार किया। हालांकि, परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन नियमावली का ड्राफ्ट तैयार होना इस बात का संकेत है कि नौ साल बाद जेटेट कराने की दिशा में ठोस कदम बढ़ चुके हैं। अभ्यर्थियों को अब कैबिनेट की मुहर और परीक्षा तिथि की घोषणा का इंतजार है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
अब तक दो बार हुई परीक्षा…
2013 में पहली बार
2016 में दूसरी
2017 से 2025 : अब नहीं हुई 2024 में इसलिए रद्द हुई थी परीक्षा
वर्ष 2024 में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने जेटेट कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। करीब साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन भी जमा किए। लेकिन नई शिक्षा नीति के तहत पात्रता मानकों में बदलाव की तैयारी के कारण परीक्षा को बीच में ही रद्द कर दिया गया। सरकार को आशंका थी कि पुराने नियमों पर परीक्षा कराने से परिणाम बाद में कानूनी विवाद में फंस सकते हैं।
जानिए… क्या पड़ रहा है असर क्या बदलेगा नई नियमावली से शिक्षकों की कमी होगी दूर, क्वालिटी एजुकेशन मिलेगा
जेटेट की ड्राफ्ट नियमावली लागू होने से न केवल परीक्षा का कानूनी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया, पात्रता, विषय चयन और आरक्षण जैसे मुद्दों पर वर्षों से चले आ रहे विवादों का भी समाधान होगा। यह ड्राफ्ट लागू होते ही राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ होगा। फिलहाल शिक्षकों की भारी कमी के कारण राज्य के सरकारी स्कूलों में क्वालिटी एजुकेशन प्रभावित हो रही है।- नसीम अहमद, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के जानकार  

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