लापता भाई-बहन का सुराग बताएगा ‘मौली’, पुलिस को दिया क्लू:मल्लार कोचा से 7 दिनों से लापता हैं दोनों बच्चे, बगल पार्किंग में खड़ी वैन मालिक पर पुलिस को शक

लापता भाई-बहन का सुराग बताएगा ‘मौली’, पुलिस को दिया क्लू:मल्लार कोचा से 7 दिनों से लापता हैं दोनों बच्चे, बगल पार्किंग में खड़ी वैन मालिक पर पुलिस को शक

धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी स्थित मल्लार कोचा से अपहृत नाबालिग भाई-बहन का सुराग गुरुवार को भी नहीं मिला है। पुलिस की 8 टीमें अलग-अलग एंगल से लगातार जांच कर रही हैं, लेकिन अपहृत भाई-बहन की जानकारी नहीं मिल पा रही है। रांची पुलिस की टेक्निकल टीम भी पूरी तरह से फेल हो चुकी है। रांची पुलिस के लिए अब मौली (डॉग स्क्वॉयड का सदस्य) ही एकमात्र सहारा है। रांची पुलिस की टीम अपहृत नाबालिग भाई-बहन का कपड़ा सुंघाकर अपहरणकर्ता का सुराग ढूंढ रही है। मौली ने पुलिस को क्लू भी दिया है। अपहृत बच्चे का कपड़ा सुंघाने के बाद मौली बार-बार उस दुकान के बगल में स्थित घर के पार्किंग स्थल पर खड़ी ओमनी वैन जेएच01सीटी 7349 तक पहुंच रहा है, जहां से बच्ची टॉफी लेने गई थी। मौली उस वैन की सीट पर बैठ जा रहा है, जिसके बाद पुलिस को पूरी आशंका है कि अपहृत भाई-बहन को किसी दूसरी जगह तक पहुंचाने में इसी गाड़ी का इस्तेमाल किया गया है। फिलहाल वैन मालिक रितेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, वह नाबालिग भाई-बहन के अपहरण में अपनी संलिप्तता से साफ इनकार कर रहा है। मालूम हो कि 2 जनवरी से 7 साल का अंश कुमार अपनी 6 साल की बहन अंशिका कुमारी के साथ लापता है। वैन जब्त, दंपती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू घर के आगे पार्किंग में खड़ी वैन जेएच01सीटी 7349 तक मॉली के पहुंचने के बाद पुलिस ने गाड़ी जब्त कर जांच की। गाड़ी रितेश कुमार के नाम पर रजिस्टर्ड है। रितेश अपनी पत्नी चंदा देवी के साथ घर में ही दुकान चलाता है। अपहृत भाई-बहन इसी दुकान से टॉफी लेने पहुंचे थे। पुलिस को दंपती पर संदेह हुआ तो रितेश के अलावा उसकी मां शांति देवी और पत्नी चंदा देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। तीनों संदिग्धों को धुर्वा थाने में रखा गया है। पुलिस जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि 2 जनवरी को बच्ची इस दुकान तक पहुंची थी। अपहरण के अगले दिन पार्किंग से निकली थी वैन पुलिस जब रितेश व उसकी मां व पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो दैनिक भास्कर की टीम उसके घर पहुंची। वहां रितेश के पिता मंगल नायक मिले। मंगल नायक ने बताया कि रितेश ही अपनी पत्नी के साथ मिलकर दुकान चलाता है। अपहृत भाई-बहन उनके दुकान से सामान लेने पहुंचा था, जिसे बहू चंदा देवी ने टॉफी देकर चला दिया था। वैन अक्सर पार्किंग में ही लगी रहती है। हालांकि, 3 जनवरी की सुबह लगभग 7 बजे बेटा रितेश वैन लेकर लकड़ी लाने जाने की बात कहकर बालसरिंग स्टेशन गया था। 4 घंटे बाद वह वापस पहुंचा था, जिसके बाद से वैन पार्किंग में ही खड़ी है। मंगल नायक ने यह भी कहा कि बेटे रितेश का 4 साल पहले खूंटी के कर्रा निवासी चंदा देवी से शादी हुई है। शादी के 4 साल बाद भी उनका कोई संतान नहीं है। जानिए… बच्चों के अपहरण का घटनाक्रम 2 जनवरी: मल्लार कोचा स्थित अपने घर से 7 साल का अंश कुमार अपनी 6 साल की बहन अंशिका कुमारी दुकान गई। देर शाम तक बच्चे नहीं लौटे तो परिजनों ने धुर्वा थाने को दी जानकारी।
3 जनवरी: पीड़ित पिता ने धुर्वा थाने में दर्ज कराया अपहरण का केस।
4 जनवरी: सूचना देने वाले के लिए 51 हजार इनाम देने की घोषणा की।
5 जनवरी: अपहृत नाबालिग भाई-बहन का 110 से ज्यादा जगहों पर पुलिस लगवाई पोस्टर।
6 जनवरी: पीड़ित पिता व स्थानीय लोगों ने शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर दिया धरना।
7 जनवरी: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ पहुंचे धुर्वा स्थित पीड़ित परिवार के घर। एसएसपी से फोन पर बात कर बच्चे को अविलंब बरामद करने का दिया आदेश।
8 जनवरी: डॉग स्क्वायड के सहारे संदिग्ध के घर तक पहुंची पुलिस। 3 को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ। धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी स्थित मल्लार कोचा से अपहृत नाबालिग भाई-बहन का सुराग गुरुवार को भी नहीं मिला है। पुलिस की 8 टीमें अलग-अलग एंगल से लगातार जांच कर रही हैं, लेकिन अपहृत भाई-बहन की जानकारी नहीं मिल पा रही है। रांची पुलिस की टेक्निकल टीम भी पूरी तरह से फेल हो चुकी है। रांची पुलिस के लिए अब मौली (डॉग स्क्वॉयड का सदस्य) ही एकमात्र सहारा है। रांची पुलिस की टीम अपहृत नाबालिग भाई-बहन का कपड़ा सुंघाकर अपहरणकर्ता का सुराग ढूंढ रही है। मौली ने पुलिस को क्लू भी दिया है। अपहृत बच्चे का कपड़ा सुंघाने के बाद मौली बार-बार उस दुकान के बगल में स्थित घर के पार्किंग स्थल पर खड़ी ओमनी वैन जेएच01सीटी 7349 तक पहुंच रहा है, जहां से बच्ची टॉफी लेने गई थी। मौली उस वैन की सीट पर बैठ जा रहा है, जिसके बाद पुलिस को पूरी आशंका है कि अपहृत भाई-बहन को किसी दूसरी जगह तक पहुंचाने में इसी गाड़ी का इस्तेमाल किया गया है। फिलहाल वैन मालिक रितेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, वह नाबालिग भाई-बहन के अपहरण में अपनी संलिप्तता से साफ इनकार कर रहा है। मालूम हो कि 2 जनवरी से 7 साल का अंश कुमार अपनी 6 साल की बहन अंशिका कुमारी के साथ लापता है। वैन जब्त, दंपती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू घर के आगे पार्किंग में खड़ी वैन जेएच01सीटी 7349 तक मॉली के पहुंचने के बाद पुलिस ने गाड़ी जब्त कर जांच की। गाड़ी रितेश कुमार के नाम पर रजिस्टर्ड है। रितेश अपनी पत्नी चंदा देवी के साथ घर में ही दुकान चलाता है। अपहृत भाई-बहन इसी दुकान से टॉफी लेने पहुंचे थे। पुलिस को दंपती पर संदेह हुआ तो रितेश के अलावा उसकी मां शांति देवी और पत्नी चंदा देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। तीनों संदिग्धों को धुर्वा थाने में रखा गया है। पुलिस जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि 2 जनवरी को बच्ची इस दुकान तक पहुंची थी। अपहरण के अगले दिन पार्किंग से निकली थी वैन पुलिस जब रितेश व उसकी मां व पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो दैनिक भास्कर की टीम उसके घर पहुंची। वहां रितेश के पिता मंगल नायक मिले। मंगल नायक ने बताया कि रितेश ही अपनी पत्नी के साथ मिलकर दुकान चलाता है। अपहृत भाई-बहन उनके दुकान से सामान लेने पहुंचा था, जिसे बहू चंदा देवी ने टॉफी देकर चला दिया था। वैन अक्सर पार्किंग में ही लगी रहती है। हालांकि, 3 जनवरी की सुबह लगभग 7 बजे बेटा रितेश वैन लेकर लकड़ी लाने जाने की बात कहकर बालसरिंग स्टेशन गया था। 4 घंटे बाद वह वापस पहुंचा था, जिसके बाद से वैन पार्किंग में ही खड़ी है। मंगल नायक ने यह भी कहा कि बेटे रितेश का 4 साल पहले खूंटी के कर्रा निवासी चंदा देवी से शादी हुई है। शादी के 4 साल बाद भी उनका कोई संतान नहीं है। जानिए… बच्चों के अपहरण का घटनाक्रम 2 जनवरी: मल्लार कोचा स्थित अपने घर से 7 साल का अंश कुमार अपनी 6 साल की बहन अंशिका कुमारी दुकान गई। देर शाम तक बच्चे नहीं लौटे तो परिजनों ने धुर्वा थाने को दी जानकारी।
3 जनवरी: पीड़ित पिता ने धुर्वा थाने में दर्ज कराया अपहरण का केस।
4 जनवरी: सूचना देने वाले के लिए 51 हजार इनाम देने की घोषणा की।
5 जनवरी: अपहृत नाबालिग भाई-बहन का 110 से ज्यादा जगहों पर पुलिस लगवाई पोस्टर।
6 जनवरी: पीड़ित पिता व स्थानीय लोगों ने शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर दिया धरना।
7 जनवरी: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ पहुंचे धुर्वा स्थित पीड़ित परिवार के घर। एसएसपी से फोन पर बात कर बच्चे को अविलंब बरामद करने का दिया आदेश।
8 जनवरी: डॉग स्क्वायड के सहारे संदिग्ध के घर तक पहुंची पुलिस। 3 को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ।  

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