एचईसी ने हाल ही में 70 टन की भारी कास्टिंग तैयार की है। एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड लिमिटेड) के लिए बनाया गया यह कास्टिंग एक महत्वपूर्ण मशीन का पार्ट है। इस वर्क ऑर्डर की कुल कीमत 6.50 करोड़ रुपए है। कास्टिंग तैयार हो चुकी है और इसे हिट ट्रीटमेंट के माध्यम से मजबूती दी जानी है। इसके बाद मशीनिंग प्रक्रिया पूरी करके इसे डिस्पैच किया जाएगा। प्रबंधन सूत्रों ने बताया कि कुछ ही दिनों में मशीन एनसीएल को सुपुर्द कर दी जाएगी। इतनी बड़ी और तकनीकी चुनौतीपूर्ण कास्टिंग देश के एक-दो स्थानों में गुजरात के एनएनटी जैसी कंपनियों में ही संभव है। हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने बताया कि एचईसी को पिछले 10 वर्षों में पहली बार इतनी भारी कास्टिंग बनाने की उपलब्धि हासिल हुई है। 50 करोड़ का नया ऑर्डर
एचईसी के भिलाई स्टील प्लांट का उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा विजिट जल्द ही प्रस्तावित है। इससे एचईसी को 50 करोड़ से अधिक के नए वर्क ऑर्डर मिलने की संभावना है। यह सफलता एचईसी के भविष्य के विकास और बड़े उद्योगों में विश्वसनीयता को और मजबूत करेगी। लीलाधर सिंह ने बताया कि वर्तमान में एचईसी के पास 500 करोड़ का वर्कऑर्डर है। तीनों प्लांट में काम चल रहा है। एनसीएल, सीसीएल का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि बोकारो स्टील प्लांट से भारी वर्क ऑर्डर मिलने की संभावना है। सप्लाई कर्मियों के आंदोलन से उत्पादन कार्य कुछ प्रभावित हुआ है। लेकिन अब सप्लाई कर्मी काम पर लौट आएंगे, तो उत्पाद तेजी से होगा। इधर, मजदूरों को पेमेंट स्लिप के साथ वेतन पर सहमति
गुरुवार को एचईसी सप्लाई मजदूर संघर्ष समिति की प्रबंधन के साथ वार्ता हुई। वार्ता में कई मांगों पर बात हुई। इनमें 2022-23 और 2023-24 के सीपीएफ लेजर, पेमेंट स्लिप वेतन के साथ, ईएसआई सुविधा जल्द से जल्द शुरू करने, पूर्व की भांति 30 दिन का वेतन, 7 सीएल और 18 एएल पर वार्ता हुई। कई मुद्दों पर आम सहमति बनी। इस दौरान कहा गया कि नए श्रम कानून के आने पर उसके अनुसार केंद्रीय वेतन दिया जाएगा। एचईसी ने हाल ही में 70 टन की भारी कास्टिंग तैयार की है। एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड लिमिटेड) के लिए बनाया गया यह कास्टिंग एक महत्वपूर्ण मशीन का पार्ट है। इस वर्क ऑर्डर की कुल कीमत 6.50 करोड़ रुपए है। कास्टिंग तैयार हो चुकी है और इसे हिट ट्रीटमेंट के माध्यम से मजबूती दी जानी है। इसके बाद मशीनिंग प्रक्रिया पूरी करके इसे डिस्पैच किया जाएगा। प्रबंधन सूत्रों ने बताया कि कुछ ही दिनों में मशीन एनसीएल को सुपुर्द कर दी जाएगी। इतनी बड़ी और तकनीकी चुनौतीपूर्ण कास्टिंग देश के एक-दो स्थानों में गुजरात के एनएनटी जैसी कंपनियों में ही संभव है। हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने बताया कि एचईसी को पिछले 10 वर्षों में पहली बार इतनी भारी कास्टिंग बनाने की उपलब्धि हासिल हुई है। 50 करोड़ का नया ऑर्डर
एचईसी के भिलाई स्टील प्लांट का उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा विजिट जल्द ही प्रस्तावित है। इससे एचईसी को 50 करोड़ से अधिक के नए वर्क ऑर्डर मिलने की संभावना है। यह सफलता एचईसी के भविष्य के विकास और बड़े उद्योगों में विश्वसनीयता को और मजबूत करेगी। लीलाधर सिंह ने बताया कि वर्तमान में एचईसी के पास 500 करोड़ का वर्कऑर्डर है। तीनों प्लांट में काम चल रहा है। एनसीएल, सीसीएल का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि बोकारो स्टील प्लांट से भारी वर्क ऑर्डर मिलने की संभावना है। सप्लाई कर्मियों के आंदोलन से उत्पादन कार्य कुछ प्रभावित हुआ है। लेकिन अब सप्लाई कर्मी काम पर लौट आएंगे, तो उत्पाद तेजी से होगा। इधर, मजदूरों को पेमेंट स्लिप के साथ वेतन पर सहमति
गुरुवार को एचईसी सप्लाई मजदूर संघर्ष समिति की प्रबंधन के साथ वार्ता हुई। वार्ता में कई मांगों पर बात हुई। इनमें 2022-23 और 2023-24 के सीपीएफ लेजर, पेमेंट स्लिप वेतन के साथ, ईएसआई सुविधा जल्द से जल्द शुरू करने, पूर्व की भांति 30 दिन का वेतन, 7 सीएल और 18 एएल पर वार्ता हुई। कई मुद्दों पर आम सहमति बनी। इस दौरान कहा गया कि नए श्रम कानून के आने पर उसके अनुसार केंद्रीय वेतन दिया जाएगा।


