करनाल में गिराई कब्रिस्तान की दीवारे:कब्रों को पहुंचा नुकसान, विशेष समुदाय ने पंचायत पर लगाए गंभीर आरोप,SDM कार्यालय और थाने में दी शिकायत

करनाल में घरौंडा के गांव गुढ़ा में कब्रिस्तान की दीवार को गिराने और कब्रों को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को लेकर विशेष समुदाय के लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई बिना अनुमति की गई और इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी को लेकर ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे और शिकायत सौंपी। साथ ही थाना घरौंडा में भी शिकायत दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, फिलहाल कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप-जेसीबी से कब्रों को पहुंचा नुकसान गांव गुढ़ा के शिकायतकर्ता याशीन, अशोक कुमार उर्फ आसिफ अली, ग्रामीण पाला, श्याम लाल, याशीन, सलीम व अन्य ने बताया कि करीब 20 साल पहले तत्कालीन सरपंच ओम प्रकाश ने श्मशान की जगह के बदले कब्रिस्तान की दीवार बनवाई थी। उनका आरोप है कि गांव के वर्तमान सरपंच प्रतिनिधि दहिया अजय ने शाम के समय कब्रिस्तान की दीवार को गैरकानूनी तरीके से गिरवा दिया और जेसीबी से कई कब्रों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे गांव का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। अदालत के आदेशों की अनदेखी का भी आरोप शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस विवाद को लेकर 10 मई 2018 को अदालत का फैसला कब्रिस्तान के पक्ष में आया था। फैसले में लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए गए थे कि सड़क कब्रिस्तान से बाहर बनाई जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि अदालती आदेशों के उल्लंघन और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में सरपंच प्रतिनिधि और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से जवाबदेही तय की जाए। 250 फीट लंबी और 10 फीट ऊंची दीवार गिराने का दावा ग्रामीणों का कहना है कि कब्रिस्तान की करीब 250 फीट लंबी और 10 फीट ऊंची दीवार गिरा दी गई और सभी ईंटें सरपंच प्रतिनिधि अपने साथ ले गए। उन्होंने मांग की कि कब्रिस्तान की दोबारा निशानदेही कराई जाए और चारदीवारी फिर से बनवाई जाए, ताकि आवारा जानवर कब्रों को नुकसान न पहुंचा सकें। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरपंच प्रतिनिधि का पक्ष: सड़क मोड़ के लिए जगह जरूरी थी इस मामले में सरपंच प्रतिनिधि अजय दहिया ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान के सामने सड़क के मोड़ पर दिक्कत थी, जिसके लिए 10 फीट जगह की जरूरत थी। इस बारे में पहले भी समाज के लोगों से बातचीत हुई थी और पंचायत में प्रस्ताव भी पास हुआ था। उनका कहना है कि समझौते के तहत समाज के लोगों ने 10 फीट जमीन देने पर सहमति जताई थी और पंचायत ने पीछे की तरफ 10 फीट जमीन दे भी दी थी, जिस पर दीवार हटवाई गई थी। कब्जा न मिलने पर पंचायत की दीवार हटाने का दावा सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि जब पंचायत आगे वाली जमीन पर कब्जा लेने पहुंची तो समाज के लोगों ने कब्जा देने से इनकार कर दिया और विरोध कर दिया। इसके बाद पंचायत की ओर से पीछे वाली जमीन की दीवार हटाई गई, जो पंचायत की ही थी। उन्होंने साफ कहा कि किसी की कब्र को नुकसान नहीं पहुंचाया गया और सभी काम नियम के अनुसार व सभी की जानकारी में किए गए। पुलिस का बयान: बीडीपीओ कार्यालय से भी ली जाएगी जानकारी थाना घरौंडा प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि गांव गुढ़ा के कुछ लोगों की ओर से शिकायत मिली है। मामले को लेकर बीडीपीओ कार्यालय से भी जानकारी ली जाएगी। सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जाएगी और उसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

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