Road Safety: राजस्थान में 150 से अधिक टोल नाकों पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू

Road Safety: राजस्थान में 150 से अधिक टोल नाकों पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू

Rajasthan Transport: जयपुर. राजस्थान में सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी नवाचारों की शुरूआत कर दी गई है। यह जानकारी उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय समीक्षा बैठक के अंतिम दिन दी।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 150 से अधिक टोल नाकों पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू किया गया है। बिना परमिट, बिना फिटनेस, बिना टैक्स और बिना पीयूसी वाहनों पर लाखों चालान जारी किए गए, जिससे लगभग 500 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला जा सकेगा। ऑटो मोड चालान प्रणाली विकसित की जा रही है और जुर्माना वसूली को फास्टैग से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।

सभी ऑनलाइन सेवाएँ अब केवल सिटीजन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध हैं। नकद लेन-देन बंद कर कार्ड एवं यूपीआई से ही भुगतान स्वीकार किए जा रहे हैं। ड्राइविंग ट्रैक को ऑटोमेटेड सिस्टम में बदला गया है, और वाहन सॉफ्टवेयर में डुप्लीकेशन लगभग समाप्त कर दिया गया है।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत 41 जिलों में रोज़ाना सड़क सुरक्षा गतिविधियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री आयुष्मान सड़क सुरक्षा योजना के अंतर्गत दुर्घटना पीड़ितों को 72 घंटे तक निःशुल्क उपचार और सहायता राशि दी जा रही है।

ई-डार पोर्टल पर अब तक 1,32,965 दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। सड़क सुरक्षा मित्र कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले में स्वयंसेवक नियुक्त किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान के आठ जिले देश के उच्च दुर्घटना मृत्यु वाले जिलों में शामिल हैं, और इन्हें प्राथमिकता के साथ सुधार योजना में शामिल किया गया है।


प्रमुख तकनीकी नवाचार

✔ 150+ टोल नाकों पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू
✔ ऑटो मोड चालान प्रणाली और फास्टैग वसूली योजना
✔ ड्राइविंग ट्रैक पूर्णतः ऑटोमेटेड
✔ नकद लेन-देन बंद, केवल कार्ड/UPI भुगतान


राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026

✔ 41 जिलों में प्रतिदिन सड़क सुरक्षा गतिविधियां
✔ एजुकेशन, एनफोर्समेंट, इंजीनियरिंग, हेल्थ एवं रिस्पॉन्सिव ड्राइव
✔ 2 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुंचने का लक्ष्य


मुख्यमंत्री आयुष्मान योजनाएं

✔ दुर्घटना पीड़ितों को 72 घंटे तक निःशुल्क उपचार
✔ 30,000+ लोगों को लाभ, 60 करोड़ रुपये व्यय
✔ 215 गुड समरिटन को सम्मानित किया गया
✔ हिट एंड रन मामलों में 269 प्रकरणों में सहायता राशि वितरित

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