इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में न्यायिक ढांचे के विस्तार से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान अपर मुख्य सचिव, वित्त ने न्यायालय को बताया कि 900 नई अदालतों और संबंधित पदों के सृजन के लिए बजट उपलब्ध है, जिसका प्रावधान इसी वित्तीय वर्ष में कर लिया जाएगा। न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर अपर मुख्य सचिव, वित्त दीपक कुमार ने जानकारी दी कि पहले चरण में 900 अदालतों के सृजन के लिए बजट उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल इसका प्रावधान होना बाकी है, जिसे चालू वित्त वर्ष में ही पूरा कर लिया जाएगा। इस पर न्यायालय ने टिप्पणी की कि 31 मार्च के लिए अधिक समय नहीं बचा है, इसलिए सरकार को इस संबंध में जल्द निर्णय लेना चाहिए। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तारीख तय की है। साथ ही, इस तिथि पर प्रमुख सचिव, विधि को उपस्थित रहने का भी आदेश दिया गया है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश न्यायिक ढांचे के विस्तार को लेकर स्वतः संज्ञान से दर्ज की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।


