बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को गया स्थित समाहरणालय सभागार में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने किसान, महिला, युवा और स्वरोजगार को बढ़ावा देने को सरकार का मुख्य उद्देश्य बताया। बैठक में कृषि, वन, नगर निगम, पशुपालन, जीविका और उद्योग सहित अन्य विभागों की ओर से संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि गया में कुल 2 लाख 28 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि है। किसानों को बिजली, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 2 लाख 95 हजार किसान लाभान्वित हो रहे हैं। फसल की गुणवत्ता सुधारने के लिए किसान चौपाल के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी समीक्षा में यह भी सामने आया कि मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी है। यूरिया और डीएपी के मुकाबले पोटाश का उपयोग कम हो रहा है। जिले के 15 अंचलों में प्राकृतिक खेती की जा रही है। गुरारू में बेबी कॉर्न, बोधगया में स्वीट कॉर्न और सब्जी उत्पादन से किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत जिले में 7 करोड़ 58 लाख रुपए के लक्ष्य के खिलाफ अब तक 1 करोड़ 10 लाख रुपए से अधिक की राशि किसानों को दी जा चुकी है। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए 487 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 17 दुकानों में अनियमितता पाई गई। वन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि गया वन प्रमंडल के सात रेंज क्षेत्रों में प्राकृतिक वन विकास, हरियाली मिशन और इको-टूरिज्म जैसी योजनाएं संचालित हैं। पिछले साल 5 लाख पौधे लगाए गए। नंगे पहाड़ों पर हरियाली बढ़ाने के लिए सीड बॉल तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने के लिए वन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जाम की समस्या पर सुधार बनाए रखने का निर्देश नगर निगम को पार्कों की साफ-सफाई और देखभाल सुनिश्चित करने और जाम की समस्या पर सुधार बनाए रखने का निर्देश दिया गया। डेल्हा–परैया और डेल्हा–टिकारी रोड पर वन-वे लागू करने की बात भी कही गई। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत जिले की 7 लाख महिलाएं जुड़ी हैं, जिनमें से 6 लाख 20 हजार के खातों में राशि भेजी जा चुकी है। अंत में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मुख्य उद्देश्य किसान, महिला, युवा व स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। उन्होंने योजनाओं का फायदा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को गया स्थित समाहरणालय सभागार में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने किसान, महिला, युवा और स्वरोजगार को बढ़ावा देने को सरकार का मुख्य उद्देश्य बताया। बैठक में कृषि, वन, नगर निगम, पशुपालन, जीविका और उद्योग सहित अन्य विभागों की ओर से संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि गया में कुल 2 लाख 28 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि है। किसानों को बिजली, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 2 लाख 95 हजार किसान लाभान्वित हो रहे हैं। फसल की गुणवत्ता सुधारने के लिए किसान चौपाल के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी समीक्षा में यह भी सामने आया कि मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी है। यूरिया और डीएपी के मुकाबले पोटाश का उपयोग कम हो रहा है। जिले के 15 अंचलों में प्राकृतिक खेती की जा रही है। गुरारू में बेबी कॉर्न, बोधगया में स्वीट कॉर्न और सब्जी उत्पादन से किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत जिले में 7 करोड़ 58 लाख रुपए के लक्ष्य के खिलाफ अब तक 1 करोड़ 10 लाख रुपए से अधिक की राशि किसानों को दी जा चुकी है। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए 487 दुकानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 17 दुकानों में अनियमितता पाई गई। वन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि गया वन प्रमंडल के सात रेंज क्षेत्रों में प्राकृतिक वन विकास, हरियाली मिशन और इको-टूरिज्म जैसी योजनाएं संचालित हैं। पिछले साल 5 लाख पौधे लगाए गए। नंगे पहाड़ों पर हरियाली बढ़ाने के लिए सीड बॉल तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने के लिए वन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। जाम की समस्या पर सुधार बनाए रखने का निर्देश नगर निगम को पार्कों की साफ-सफाई और देखभाल सुनिश्चित करने और जाम की समस्या पर सुधार बनाए रखने का निर्देश दिया गया। डेल्हा–परैया और डेल्हा–टिकारी रोड पर वन-वे लागू करने की बात भी कही गई। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत जिले की 7 लाख महिलाएं जुड़ी हैं, जिनमें से 6 लाख 20 हजार के खातों में राशि भेजी जा चुकी है। अंत में डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मुख्य उद्देश्य किसान, महिला, युवा व स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। उन्होंने योजनाओं का फायदा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश दिया।


