धर्मशाला डिग्री कॉलेज की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास युवा एकता महासभा ने गुरुवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में मृतका के परिजनों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब टांडा मेडिकल कॉलेज में पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। प्रोफेसर से पूछताछ न होने पर रोष: प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपी प्रोफेसर से अब तक पूछताछ नहीं की गई है। परिजनों ने आशंका जताई है कि जांच में देरी होने से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिटाए जा सकते हैं। उन्होंने मांग की है कि किसी भी राजनीतिक या प्रभावशाली दबाव के बिना निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। जांच का तकनीकी विश्लेषण: मामले की गहराई से जांच के लिए पुलिस ने छात्रा के इलाज से जुड़े 6 अलग-अलग अस्पतालों का रिकॉर्ड जब्त किया है। टांडा में गठित 5 सदस्यीय मेडिकल बोर्ड इन दस्तावेजों का विश्लेषण करेगा। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या मौत की वजह शारीरिक आघात (Physical Trauma), मानसिक प्रताड़ना या कोई अन्य संदिग्ध कारण था। एसपी से मुलाकात और आश्वासन प्रदर्शन के बाद मृतका के पिता विक्रम, माता और बुआ सोनिया शर्मा ने एसपी कांगड़ा अशोक रतन से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रैगिंग, यौन उत्पीड़न और मारपीट जैसे सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। मेडिकल बोर्ड की फाइनल रिपोर्ट के आधार पर ही केस में नई धाराएं जोड़ने और गिरफ्तारियों पर फैसला लिया जाएगा। मामले की मुख्य कड़ियां


