मेरठ : मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में एक दबंग कंपाउंडर पर दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण का आरोप लगा है। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है।
घटना के बाद जब महिला का शव लेकर एम्बुलेंस गांव पहुंची, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उसमें तोड़फोड़ कर दी। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजना चाहती है, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने शव उठाने से इनकार कर दिया है।
एक ही गांव के रहने वाले हैं आरोपी और पीड़ित परिवार
आरोपी और पीड़ित परिवार एक ही गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने अपहरण और हत्या के आरोपी के दादा-दादी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि आरोपी के माता-पिता और भाई घटना के बाद से फरार हैं।
सपा विधायक और कांग्रेस ने उठाया मामला
सपा विधायक अतुल प्रधान ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। वहीं, कांग्रेस ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग की है।
ढाई साल पहले छूटी थी पढ़ाई
घटना सरधना थाना क्षेत्र की है। यहां रहने वाले सत्येंद्र कुमार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी सुनीता, तीन बेटे और एक बेटी रुबी है। आर्थिक तंगी के चलते रुबी को करीब ढाई साल पहले पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। परिवार में उसके रिश्ते को लेकर बातचीत चल रही थी।
रुबी का सबसे बड़ा भाई बाहर काम करता है, जबकि उसकी पत्नी और दो बेटियां गांव में रहती हैं। दूसरा भाई परिवार के साथ गांव में ही रहता है। रुबी तीसरे नंबर पर है और सबसे छोटा भाई अविवाहित है।
मां-बेटी को रोका, विरोध पर फरसे से हमला
परिजनों के मुताबिक, सुनीता मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अपनी बेटी रुबी के साथ खेत जा रही थीं। रास्ते में पहले से मौजूद आरोपी कंपाउंडर ने दोनों को रोक लिया और बदतमीजी करने लगा। जब सुनीता ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फरसे से महिला के सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद वह लड़की को जबरन बाइक पर बैठाकर फरार हो गया।
अस्पताल में तोड़ा दम
महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल सुनीता को मोदीपुरम स्थित एसडीएस ग्लोबल हॉस्पिटल ले जाया गया। सिर में गहरी चोट के चलते डॉक्टर ऑपरेशन की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।
मौत से पहले सुनीता ने बयान दिया था कि हमला होते ही वह मौके पर गिर गई थी और इसके बाद आरोपी उसकी बेटी को जबरन उठाकर ले गया।
अस्पताल के मैनेजर मनोज ने बताया कि महिला की हालत बेहद नाजुक थी। ऑपरेशन से पहले ही उसकी मौत हो गई, बीपी लगातार गिर रहा था और स्थिति स्थिर नहीं हो पा रही थी।
गांव का कंपाउंडर है आरोपी
आरोपी की पहचान पारस के रूप में हुई है, जो गांव में ही एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता है। बताया जा रहा है कि आरोपी और लड़की एक-दूसरे को पहले से जानते थे।
पुलिस के मुताबिक, पारस तीन भाइयों में सबसे छोटा है। घटना के बाद से उसके माता-पिता और दोनों भाई फरार हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अपहृत लड़की की तलाश की जा रही है।


