नीमच सर्राफा कारोबारी एसपी कार्यालय पहुंचे:झूठी शिकायतों पर जताया विरोघ, सुरक्षा की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा

नीमच सर्राफा कारोबारी एसपी कार्यालय पहुंचे:झूठी शिकायतों पर जताया विरोघ, सुरक्षा की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा

नीमच के सर्राफा व्यापारियों में सोने-चांदी की कीमतों में वृद्धि के साथ ही असुरक्षा और झूठे कानूनी मामलों का भय बढ़ गया है। गुरुवार शाम को नीमच सर्राफा व्यापारी एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में व्यापारी एकजुट होकर एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की। व्यापारियों ने प्रशासन को बताया कि जब से कीमती धातुओं के दाम बढ़े हैं, कुछ तत्व सक्रिय हो गए हैं। ये पुराने समय में गिरवी रखे गए गहनों के नाम पर व्यापारियों के खिलाफ झूठे और निराधार आवेदन दे रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस को ऐसी शिकायतों में फरियादी से गहनों का पक्का बिल, गिरवी रखने की रसीद या ब्याज भुगतान के दस्तावेजी सबूत मांगने चाहिए। उन्होंने मांग की कि बिना किसी ठोस साक्ष्य या अनुबंध के केवल मौखिक आरोपों के आधार पर व्यापारियों को थाने बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित न किया जाए। व्यापारियों के अनुसार, लेनदेन से जुड़े ऐसे विवाद प्राथमिक रूप से सिविल न्यायालय के दायरे में आते हैं। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने बाजार की सुरक्षा व्यवस्था और बेलगाम यातायात का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। एसोसिएशन ने पुस्तक बाजार, नया बाजार और सर्राफा क्षेत्र में पूर्व की भांति पुलिस गश्त को फिर से सुचारू करने की मांग की, ताकि लूट और चोरी जैसी वारदातों को रोका जा सके। व्यापारियों ने हाल ही में तिलक मार्ग पर हुई एक घटना का हवाला देते हुए बताया कि अनियंत्रित गति से चलने वाले लोडिंग टेम्पो दुकानों में घुस रहे हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है और आए दिन विवाद की स्थिति निर्मित होती है। उन्होंने मुख्य बाजार में इन लोडिंग वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाने की मांग की। एएसपी नवल सिंह सिसोदिया ने व्यापारियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए निष्पक्ष जांच और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने का भरोसा दिलाया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि झूठी शिकायतों के आधार पर उनका उत्पीड़न नहीं रुका, तो व्यापारी संघ आगे की रणनीति बनाने पर मजबूर होगा।

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