गया में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि ये बदलाव मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला हैं। प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि मनरेगा पिछले दो दशकों से देश के करोड़ों गरीब, किसान और मजदूर परिवारों की जीवनरेखा रही है। एक संयुक्त बयान जारी करते हुए विजय कुमार मिट्ठू ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार पिछले बारह साल से इतिहास रचने के बजाय इतिहास मिटाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार भगवान राम और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति कर रही है, जबकि असलियत में मजदूरों के हक और अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। देश के संघीय ढांचे को कमजोर कर रही सरकार कांग्रेस नेता ने बताया कि मनरेगा में किए जा रहे बदलावों से मजदूरों का काम पाने का अधिकार छीना जा रहा है। इसके साथ ही, न्यूनतम मजदूरी के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है और ग्राम पंचायतों की भूमिका को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। मिट्ठू ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालकर देश के संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा के नेता देशभर में भगवान राम और महात्मा गांधी के नामों को लेकर तुलनात्मक बयानबाजी कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य विपक्षी दलों पर हमला करना है। उन्होंने जोर दिया कि मनरेगा ने गरीब परिवारों को रोजगार के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिया है, जबकि अब भगवान राम के नाम पर मजदूरों के अधिकारों में कटौती कर उन्हें डराने और भ्रमित करने का काम किया जा रहा है। गया में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि ये बदलाव मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला हैं। प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू ने कहा कि मनरेगा पिछले दो दशकों से देश के करोड़ों गरीब, किसान और मजदूर परिवारों की जीवनरेखा रही है। एक संयुक्त बयान जारी करते हुए विजय कुमार मिट्ठू ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार पिछले बारह साल से इतिहास रचने के बजाय इतिहास मिटाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार भगवान राम और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति कर रही है, जबकि असलियत में मजदूरों के हक और अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। देश के संघीय ढांचे को कमजोर कर रही सरकार कांग्रेस नेता ने बताया कि मनरेगा में किए जा रहे बदलावों से मजदूरों का काम पाने का अधिकार छीना जा रहा है। इसके साथ ही, न्यूनतम मजदूरी के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है और ग्राम पंचायतों की भूमिका को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। मिट्ठू ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालकर देश के संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा के नेता देशभर में भगवान राम और महात्मा गांधी के नामों को लेकर तुलनात्मक बयानबाजी कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य विपक्षी दलों पर हमला करना है। उन्होंने जोर दिया कि मनरेगा ने गरीब परिवारों को रोजगार के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिया है, जबकि अब भगवान राम के नाम पर मजदूरों के अधिकारों में कटौती कर उन्हें डराने और भ्रमित करने का काम किया जा रहा है।


