बक्सर के चौसा स्थित 1320 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट में गुरुवार को निर्माण कार्य के दौरान हादसा हो गया। ग्राइंडिंग का काम कर रहे एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान गया जिले के निवासी 44 वर्षीय राजकुमार के रूप में हुई है। वह पावर प्लांट में पावर मेक कंपनी के तहत ठेकेदार विमलेश कुमार के अधीन कार्यरत था। प्लांट में काम कर रहे मजदूरों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह राजकुमार ग्राइंडिंग का काम कर रहा था। इसी दौरान लगभग 10 टन वजनी एक लोहे के पाइप को फिटिंग के लिए ऊपर उठाया गया। अचानक पाइप का सपोर्ट खुल गया और भारी पाइप सीधे राजकुमार के ऊपर गिर पड़ा। पाइप के नीचे दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर CISF तैनात घटना के बाद प्लांट में काम कर रहे सभी मजदूरों ने काम बंद कर दिया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। मजदूरों में कंपनी प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आक्रोश देखा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्लांट में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों को तत्काल घटनास्थल पर तैनात किया गया। हादसे के बाद प्रबंधन ने एहतियातन गुरुवार को प्लांट में चल रहे निर्माण कार्य को बंद कर दिया। मजदूरों को छुट्टी देकर प्लांट से बाहर जाने का निर्देश दिया गया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक काफी संख्या में मजदूर और कारीगर अभी भी प्लांट परिसर के अंदर मौजूद बताए जा रहे हैं। पाइप से दबने के कारण हुई मौत घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना और राजपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष शंभू भगत ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मजदूर की मौत लोहे के भारी पाइप से दबने के कारण हुई है। पुलिस टीम मौके पर जांच कर रही है और पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। मजदूर-किसान नेता ने कंपनी प्रबंधन पर लगाया आरोप इधर, इस घटना के बाद मजदूर-किसान नेता रामप्रवेश यादव ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि बक्सर जिले के चौसा में 1320 मेगावाट क्षमता वाले थर्मल पावर प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। यह परियोजना एसजेवीएन (SJVN) की पूर्ण स्वामित्व वाली है, जबकि निर्माण कार्य एलएंडटी (LT) समेत अन्य कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। हादसे ने एक बार फिर बड़े औद्योगिक परियोजनाओं में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बक्सर के चौसा स्थित 1320 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट में गुरुवार को निर्माण कार्य के दौरान हादसा हो गया। ग्राइंडिंग का काम कर रहे एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान गया जिले के निवासी 44 वर्षीय राजकुमार के रूप में हुई है। वह पावर प्लांट में पावर मेक कंपनी के तहत ठेकेदार विमलेश कुमार के अधीन कार्यरत था। प्लांट में काम कर रहे मजदूरों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह राजकुमार ग्राइंडिंग का काम कर रहा था। इसी दौरान लगभग 10 टन वजनी एक लोहे के पाइप को फिटिंग के लिए ऊपर उठाया गया। अचानक पाइप का सपोर्ट खुल गया और भारी पाइप सीधे राजकुमार के ऊपर गिर पड़ा। पाइप के नीचे दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर CISF तैनात घटना के बाद प्लांट में काम कर रहे सभी मजदूरों ने काम बंद कर दिया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। मजदूरों में कंपनी प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आक्रोश देखा गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्लांट में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों को तत्काल घटनास्थल पर तैनात किया गया। हादसे के बाद प्रबंधन ने एहतियातन गुरुवार को प्लांट में चल रहे निर्माण कार्य को बंद कर दिया। मजदूरों को छुट्टी देकर प्लांट से बाहर जाने का निर्देश दिया गया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक काफी संख्या में मजदूर और कारीगर अभी भी प्लांट परिसर के अंदर मौजूद बताए जा रहे हैं। पाइप से दबने के कारण हुई मौत घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना और राजपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष शंभू भगत ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मजदूर की मौत लोहे के भारी पाइप से दबने के कारण हुई है। पुलिस टीम मौके पर जांच कर रही है और पूरे मामले की छानबीन की जा रही है। मजदूर-किसान नेता ने कंपनी प्रबंधन पर लगाया आरोप इधर, इस घटना के बाद मजदूर-किसान नेता रामप्रवेश यादव ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसका खामियाजा मजदूरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। गौरतलब है कि बक्सर जिले के चौसा में 1320 मेगावाट क्षमता वाले थर्मल पावर प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। यह परियोजना एसजेवीएन (SJVN) की पूर्ण स्वामित्व वाली है, जबकि निर्माण कार्य एलएंडटी (LT) समेत अन्य कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। हादसे ने एक बार फिर बड़े औद्योगिक परियोजनाओं में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


