CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति ने राज्य के किसानों के जीवन में नई उम्मीदें जगाई हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई यह नीति किसानों को उनके पसीने की कमाई का पूरा हक दिला रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही है। नीति के तहत धान खरीदी में समयबद्ध भुगतान और आधुनिक व्यवस्था लागू की गई है, जिससे राज्य के लाखों किसान आर्थिक रूप से सशक्त बने हैं।
CG Dhan Kharidi: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसान जोधन केंवट का अनुभव
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसान जोधन केंवट ने लगभग 5 एकड़ भूमि पर उगाए धान को दो चरणों में कुल 99 क्विंटल उपार्जन केंद्र पेंड्रा में बेचा। जोधन ने बताया कि अब खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और आसान हो गई है। ऑनलाइन और समिति आधारित टोकन प्रणाली के माध्यम से बिना किसी झंझट के धान बेचना संभव हुआ है।
ऑनलाइन टोकन और पारदर्शिता से खत्म हुई पुरानी परेशानियां
राज्य सरकार की पहल से अब किसानों को लंबी कतारों और बिचौलियों की दखलंदाजी का सामना नहीं करना पड़ता। पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से निगरानी में रहती है, जिससे पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने धान के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की सीमा तय की है, जिसने किसानों की चिंताओं को दूर कर दिया है।
किसान हित में सरकार की प्रतिबद्धता
समय पर भुगतान मिलने से किसान नई फसल के लिए बेहतर निवेश कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादकता में वृद्धि हो रही है। राज्य भर के उपार्जन केंद्रों पर सुव्यवस्थित व्यवस्था ने ग्रामीणों का भरोसा जीता है। जोधन केंवट ने कहा, “सरकार की इस किसान हितैषी नीति से हमारी तकदीर बदल गई है। अब हम बिना चिंता के खेती पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति छत्तीसगढ़ को कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूत बनाएगी और अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत साबित होगी।


