जमुई में ठंड पर छात्रा ने डीएम को पत्र लिखा:स्कूल बंद की मांग की, लिखा- सुबह पढ़ाई मुश्किल, सहेलियां भी समर्थन में

जमुई जिले में कड़ाके की ठंड के कारण स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। इसी को देखते हुए जमुई प्रखंड के खैरा स्थित कन्या मध्य विद्यालय की कक्षा 6 की छात्रा राधिका यादव ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राधिका ने जमुई के जिलाधिकारी नवीन कुमार को पत्र लिखकर अत्यधिक ठंड के कारण स्कूल बंद करने की मांग की है। अपने पत्र में राधिका ने बच्चों की समस्याओं को सरल शब्दों में व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा है कि सुबह स्कूल जाने के लिए तैयार होने में काफी दिक्कत होती है और स्कूल पहुंचने के बाद भी ठंड से राहत नहीं मिलती। कक्षा में बैठकर पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। माता-पिता उन्हें जबरदस्ती स्कूल भेज देते हैं
राधिका ने यह भी बताया कि उनके माता-पिता उन्हें जबरदस्ती स्कूल भेज देते हैं और बच्चों की ठंड में होने वाली परेशानियों पर ध्यान नहीं देते। उन्होंने मासूमियत से यह बात भी रखी कि ठंड के मौसम में घर में रहकर पढ़ना और खेलना बच्चों को ज्यादा पसंद आता है। पत्र के अंत में राधिका ने डीएम से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने का निवेदन किया है। ठंड के समय स्कूल बंद कर दिए जाने चाहिए
गुरुवार को राधिका की सहेलियां खुशी कुमारी, तमन्ना कुमारी, पीहू प्रिया और खुशी शर्मा भी इस मांग में शामिल हो गईं। सभी छात्राओं का मानना है कि ठंड के समय स्कूल बंद कर दिए जाने चाहिए, क्योंकि स्कूलों में ठंड से बचाव की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। छात्रा तमन्ना कुमारी ने कहा कि वे घर में रहकर भी पढ़ाई कर सकती हैं और अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकती हैं। उनका तर्क था कि यदि स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा, तो स्कूल जाकर पढ़ने का कोई लाभ नहीं है। जमुई जिले में कड़ाके की ठंड के कारण स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। इसी को देखते हुए जमुई प्रखंड के खैरा स्थित कन्या मध्य विद्यालय की कक्षा 6 की छात्रा राधिका यादव ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राधिका ने जमुई के जिलाधिकारी नवीन कुमार को पत्र लिखकर अत्यधिक ठंड के कारण स्कूल बंद करने की मांग की है। अपने पत्र में राधिका ने बच्चों की समस्याओं को सरल शब्दों में व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा है कि सुबह स्कूल जाने के लिए तैयार होने में काफी दिक्कत होती है और स्कूल पहुंचने के बाद भी ठंड से राहत नहीं मिलती। कक्षा में बैठकर पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। माता-पिता उन्हें जबरदस्ती स्कूल भेज देते हैं
राधिका ने यह भी बताया कि उनके माता-पिता उन्हें जबरदस्ती स्कूल भेज देते हैं और बच्चों की ठंड में होने वाली परेशानियों पर ध्यान नहीं देते। उन्होंने मासूमियत से यह बात भी रखी कि ठंड के मौसम में घर में रहकर पढ़ना और खेलना बच्चों को ज्यादा पसंद आता है। पत्र के अंत में राधिका ने डीएम से बच्चों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने का निवेदन किया है। ठंड के समय स्कूल बंद कर दिए जाने चाहिए
गुरुवार को राधिका की सहेलियां खुशी कुमारी, तमन्ना कुमारी, पीहू प्रिया और खुशी शर्मा भी इस मांग में शामिल हो गईं। सभी छात्राओं का मानना है कि ठंड के समय स्कूल बंद कर दिए जाने चाहिए, क्योंकि स्कूलों में ठंड से बचाव की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। छात्रा तमन्ना कुमारी ने कहा कि वे घर में रहकर भी पढ़ाई कर सकती हैं और अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकती हैं। उनका तर्क था कि यदि स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा, तो स्कूल जाकर पढ़ने का कोई लाभ नहीं है।  

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