Financial Planning Tips: बाय नाउ-पे लेटर और नो कॉस्ट ईएमआई जैसे ऑफर खरीदारी के लिए युवाओं को लुभाते हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत में आइफोन खरीदने वाले करीब 70% ग्राहक ईएमआई पर इसे खरीदते हैं। वहीं, 50,000 रुपये महीने से कम कमाने वाले 93% लोग रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए क्रेडिट कार्ड पर निर्भर हैं। ईएमआई ऑप्शन नहीं, जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। जानें कर्ज के इस चक्रव्यूह से कैसे निकलें।
ध्यान रखें ये बातें
- आपके सभी कर्जों की कुल ईएमआई आपकी इनकम के 35 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- क्रेडिट कार्ड की ईएमआई चुकाने के लिए नया क्रेडिट कार्ड या अन्य लोन लेने से बचें।
- गैजेट्स आदि खरीदने के लिए हाई इंटरेस्ट वाले लोन न लें।
- ईएमआई चुकाने में देरी न करें। इससे मोटा जुर्माना और पेनल्टी लगती है।
- इमरजेंसी फंड जरूर रखें वरना बार-बार उधार लेना पड़ जाएगा।
ऐसे करें प्लानिंग
50:35:15 के नियम के तहत इनकम को 3 हिस्सों में बांट सकते हैं। साथ ही एक्सट्रा इनकम के सोर्स तलाशें।
- 50% घर खर्च पर: सैलरी के आधे हिस्से में किराया, राशन, बिजली- पानी का बिल, बच्चों की पढ़ाई व रोजमर्रा के खर्च शामिल हैं।
- 35% लोन चुकाने परः कोशिश करें कि ईएमआई और बाकी कर्ज का भुगतान कुल आय के 35% से ज्यादा न हो।
- अपनी इनकम का कम से कम 15% निवेश करें।
ये सावधानियां जरूरी
बजट बनाएं: दो महीने तक इनकम और खर्च का हिसाब रखें।
इमरजेंसी फंड : हर महीने 10,000-15,000 का छोटा फंड अलग रख लें। इससे अचानक खर्च होने पर नया लोन नहीं लेना पड़ेगा।
मिनिमम पेमेंट : क्रेडिट कार्ड का मिनिमम पेमेंट वक्त पर करें चाहे कितना भी दबाव हो।
फालतू खर्ची बंद करें : जिम, ओटीटी, क्लब जैसी कई मेंबरशिप ले लेते हैं जिनका इस्तेमाल बहुत कम होता है। इन खर्चों को कम करें।


