मुजफ्फरपुर में 2 दिन तक ठंड से राहत नहीं:न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचा, कक्षा 8 तक स्कूल 10 जनवरी तक बंद

मुजफ्फरपुर में 2 दिन तक ठंड से राहत नहीं:न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचा, कक्षा 8 तक स्कूल 10 जनवरी तक बंद

मुजफ्फरपुर जिले में कड़ाके की ठंड जारी है। बीते 24 घंटों के दौरान जिले का न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ठंडी पछुआ हवाओं के कारण ठिठुरन और अधिक बढ़ गई है, जिससे सुबह और देर शाम घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। सुबह के समय मुजफ्फरपुर शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर 50 से 100 मीटर तक सिमट गई। कोहरे की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग, स्टेट हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। वाहन चालकों को मजबूरी में हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर चलना पड़ा। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालय (प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी सहित) 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं, इससे ऊपर की कक्षाओं का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सीमित समय में किया जा रहा है। सड़कें सुनसान, चाय की दुकानों पर भीड़ घने कोहरे का असर सड़क के साथ-साथ रेल यातायात पर भी देखने को मिला। सुबह के समय कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंचीं। वहीं, सड़क पर भी वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। खासकर सुबह के वक्त स्कूल, ऑफिस और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर आम लोगों की दिनचर्या पर साफ दिख रहा है। सुबह की सैर पर निकलने वालों की संख्या में भारी कमी आई है। बाजारों में भी देर से रौनक दिखाई दे रही है। चाय की दुकानों और अलाव के आसपास लोगों की भीड़ बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को हो रही है। सुबह मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहेगा मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। सुबह के समय मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन का अहसास और बढ़ेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की ठंड में सर्दी, खांसी, बुखार, अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। मुजफ्फरपुर जिले में कड़ाके की ठंड जारी है। बीते 24 घंटों के दौरान जिले का न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ठंडी पछुआ हवाओं के कारण ठिठुरन और अधिक बढ़ गई है, जिससे सुबह और देर शाम घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। सुबह के समय मुजफ्फरपुर शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर 50 से 100 मीटर तक सिमट गई। कोहरे की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग, स्टेट हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रही। वाहन चालकों को मजबूरी में हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर चलना पड़ा। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालय (प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी सहित) 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं, इससे ऊपर की कक्षाओं का संचालन सुबह 10 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक सीमित समय में किया जा रहा है। सड़कें सुनसान, चाय की दुकानों पर भीड़ घने कोहरे का असर सड़क के साथ-साथ रेल यातायात पर भी देखने को मिला। सुबह के समय कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंचीं। वहीं, सड़क पर भी वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। खासकर सुबह के वक्त स्कूल, ऑफिस और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर आम लोगों की दिनचर्या पर साफ दिख रहा है। सुबह की सैर पर निकलने वालों की संख्या में भारी कमी आई है। बाजारों में भी देर से रौनक दिखाई दे रही है। चाय की दुकानों और अलाव के आसपास लोगों की भीड़ बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को हो रही है। सुबह मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहेगा मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। सुबह के समय मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन का अहसास और बढ़ेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की ठंड में सर्दी, खांसी, बुखार, अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।  

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