उत्तर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड,पाटों में न्यूनतम तापमान 2°C:शीतलहरों के कारण न्यूनतम तापमान गिरा, मैदानी इलाकों में भी जमीं ओंस की बूंदें

उत्तर छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड,पाटों में न्यूनतम तापमान 2°C:शीतलहरों के कारण न्यूनतम तापमान गिरा, मैदानी इलाकों में भी जमीं ओंस की बूंदें

उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहरों के कारण रिकार्ड ठंड पड़ रही है। गुरुवार को पाट से लेकर मैदानी इलाकों में जमकर पाले पड़े। पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री से 2 डिग्री दर्ज किया गया है। गुरुवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहरों के लिए अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड के कारण पाट से लेकर मैदानी इलाकों में भी ओंस की बूंदें जमने लगी है। गुरुवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके पहले बुधवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान गिरकर 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। कई सालों का रिकार्ड टूट
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2026 में जनवरी के पहले सप्ताह का औसत न्यूनतम तापमान ने कई वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया है। इस वर्ष जनवरी के पहले सप्ताह का औसत न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री रहा है। वर्ष 2011 के बाद इस वर्ष सर्वाधिक ठंड पड़ रही है। जनवरी के दूसरे सप्ताह में भी शीतलहरों के कारण कड़ाके की ठंड पड़ने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड से राहत मिलती नहीं दिख रही है। सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड को देखते हुए चार जिलों में प्रायमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। ठंड के कारण दो पालियों में संचालित होने वाली कक्षाओं का समय बदल दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी
मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि आसमान साफ होने के बाद तेजी से शीतलहरें संभाग में प्रवेश कर रही हैं। फिलहाल ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है। संभाग मुख्यालय में न्यूनतम तापमान आगामी तीन दिनों तक 4 डिग्री से कम रहने का पूर्वानुमान है। सरगुजा में कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी कर लोगों से ठंड से बचने की अपील की है। कड़ाके की ठंड के कारण बुजुर्ग एवं बच्चे बीमार हो रहे हैं। हॉस्पिटल में मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की संख्या बढ़ी है।

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