ट्रंप की धमकी से डरे कोलंबिया के राष्ट्रपति और की फोन पर बात, अमेरिकी राष्ट्रपति हुए खुश और कहा…

ट्रंप की धमकी से डरे कोलंबिया के राष्ट्रपति और की फोन पर बात, अमेरिकी राष्ट्रपति हुए खुश और कहा…

वेनेज़ुएला (Venezuela) के खिलाफ 3 जनवरी को अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश पर सेना ने देश की राजधानी काराकस समेत मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा शहरों में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें सैनिकों और नागरिकों समेत 40 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इस कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सेना की डेल्टा फोर्स यूनिट ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस (Cilia Flores) को किडनैप कर लिया। दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया है, जहाँ मादुरो पर ड्रग्स की तस्करी और नार्को-आतंकवाद के मामलों में में मुकदमा चलाया जा रहा है। अमेरिका की इस कार्रवाई का कई देशों ने विरोध किया था, जिनमें कोलंबिया (Colombia) भी शामिल है।

ट्रंप की धमकी से डरे पेट्रो, फोन पर की बात

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो द्वारा वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमले की निंदा करना ट्रंप को पसंद नहीं आया था और ट्रंप ने कोलंबिया के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई की धमकी दे दी थी। ट्रंप की धमकी से पेट्रो डर गए हैं और उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से फोन पर बात भी की, जिसके बारे में ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी। ट्रंप ने लिखा, “कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो से बात करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। उन्होंने फोन करके ड्रग्स की समस्या और अन्य मतभेदों के बारे में मुझे बात की। मुझे उनकी फोन कॉल और बातचीत का लहजा बहुत अच्छा लगा और मैं उनसे जल्द ही मिलने की उम्मीद करता हूं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो और कोलंबिया के विदेश मंत्री के बीच मुलाकात की व्यवस्था की जा रही है। यह मुलाकात वाशिंगटन डी.सी. स्थित व्हाइट हाउस में होगी।”

अचानक क्यों बदले पेट्रो के सुर?

वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमले और मादुरो की किडनैपिंग की पेट्रो ने कड़ी निंदा करते हुए इसे लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हमला बताया था। उन्होंने ट्रंप को कायर बताते हुए उन्हें पकड़ने की चुनौती देते हुए कहा था कि वह देश की रक्षा के लिए फिर हथियार उठा सकते हैं। ट्रंप को यह पसंद नहीं आया था और उन्होंने कोलंबिया को चेतावनी दी थी कि पेट्रो भी ड्रग्स के उत्पादन और अमेरिका में तस्करी के लिए ज़िम्मेदार हैं। ट्रंप ने कोलंबिया को ‘बीमार’ देश बताते हुए यह भी कहा था कि एक ‘बीमार आदमी’ देश चला रहा है और यह ज़्यादा समय तक नहीं चलेगा। ट्रंप ने कोलंबिया के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए थे। इसी वजह से अब पेट्रो के सुर बदल गए हैं क्योंकि वह नहीं चाहते कि कोलंबिया में भी वैसा ही हो जैसा वेनेज़ुएला में हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *