आगरा के थाना एत्माद्दौला के रामबाग चौराहे से मुंबई के कपड़ा कारोबारी ने अपने अपहरण और फिरौती वसूलने कर छोड़ने की सूचना पुलिस को देकर सनसनी फैला दी। कारोबारी ने बताया कार सवार बदमाश उन्हें हाथरस की ओर ले गए। उनके साथ मारपीट की। कारोबारी के परिजन से ऑनलाइन फिरौती की रकम लेने के बाद छोड़ा। कारोबारी राहगीरों की मदद से परिचित कारोबारियों के पास पहुंचे। घटना की जानकारी दी। देर रात मामला पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की लोकेशन ट्रैस किए। मामला संदिग्ध लगा। मामला समलैंगिक रिलेशनशिप का बताया जा रहा है। घटना बुधवार दोपहर 2 बजे की है। मुंबई, महाराष्ट्र के रहने वाले सतीश अग्रवाल ने बताया कि वह पांच साल से आगरा के कारोबारियों से व्यापार कर रहे हैं। उनकी सुचिता फेब्रीकेट्स के नाम से फर्म है। वह मंगलवार को आगरा आए थे। दरेसी स्थित होटल में ठहरे थे। बुधवार को उन्हें परिचित दिल्ली के कारोबारी विकास अग्रवाल ने फोन किया। मिलने के लिए रामबाग पर बुलाया। वो आटो से पहुंच गए। एक दुकान पर खड़े होकर परिचित का इंतजार कर रहे थे। तभी नीले रंग की गाड़ी में दो लोग आए। उन्हें जबरन कार में बैठा लिया। इसके बाद उन्हें होश नहीं रहा। कुछ देर बाद होश आया तो एक खेत में थे। 7-8 लोगों ने उन्हें बंधक बना रखा था। उन्होंने पकड़ने का कारण पूछा तो पीटना शुरू कर दिया। लात-घूंसों से पिटाई लगाई। रुपयों की मांग करने लगे। उन्होंने रकम नहीं होने की बात कही। यह सुनकर और पिटाई लगाई। उन्होंने दामाद को फोन करके रकम मांगी। मगर उसके पास भी रुपए नहीं थे। परिचित एजेंट से आरोपियों के बताए खाते में 1 लाख रुपए जमा कराए। इस पर भी बदमाश नहीं माने। इस पर 20 हजार और लिए। तब उन्हें मुख्य मार्ग पर छोड़कर चले गए। एक राहगीर की मदद से बस स्टैंड आए। तब वो हाथरस के सादाबाद में थे। वह राहगीरों से 50 रुपए मांगकर दरेसी पहुंचे। व्यापारियों को घटना की जानकारी दी। सीसीटीवी फुटेज से जांच में जुटी पुलिस
व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल की मदद से सतीश अग्रवाल थाना एत्माद्दौला पहुंचे और घटना की जानकारी दी। व्यापारियों ने आरोपियों की धरपकड़ की मांग की। वहीं डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि कारोबारी ने जो कहानी बताई, उसकी जांच की गई। जांच में मामला व्यापारी के समलैंगिक संबंध का निकला है। अपहरण की झूठी कहानी बताई। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।


