पटना के कांग्रेस मैदान के रिनोवेशन के लिए एक महीने पहले काम शुरू किया गया था। बिहार अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बुडको) की ओर से करीब 64.72 लाख रुपए की राशि खर्च करके इसका सौंदर्यीकरण किया जाना था। मगर अब इसपर रोक लगा दी गई है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बुडको को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसके बाद से काम पर प्रतिबंध लग गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि बुडको बिना अनुमति कांग्रेस मैदान की जमीन पर जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहा है। 15 दिनों के भीतर सभी अवैध ढांचों को हटाने की मांग कांग्रेस की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार पांडेय के अनुसार यह जमीन कांग्रेस पार्टी की है और इसे वर्ष 1936 में अनुग्रह नारायण सिंह ने दान में दिया था। यह जमीन आज भी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नाम से दर्ज है। पहले यहां एक संप हाउस बनाया गया था, जिसे हटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक नहीं हटाया गया। अब फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। कांग्रेस ने इसे गलत बताते हुए कहा है कि यह निजी जमीन है और बिना अनुमति कोई भी काम नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने मांग की है कि तुरंत सभी निर्माण कार्य रोके जाएं और 15 दिनों के भीतर सभी अवैध ढांचों को हटाया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ओपन जिम, पाथवे और फव्वारे लगाने की थी तैयारी कदमकुआं स्थित इस ऐतिहासिक कांग्रेस मैदान की दीवारों की मरम्मत के साथ-साथ, परिसर में कई सुविधाओं का विस्तार किया जाना था। रिनोवेशन के तहत मैदान में ग्रिल वर्क की व्यवस्था की जानी थी। इसके साथ ही जल निकासी की समस्याओं के समाधान के लिए नाले का निर्माण किया जाना था। परिसर में अंधेरे को दूर करने के लिए हाईमास्ट लाइट्स लगाई जानी थी। यहां ओपन जिम, मॉर्निंग वॉकरों के लिए पाथवे, बच्चों के खेलने के लिए झूले, तालाब का रिनोवेशन, फव्वारा और रंगीन लाइटें लगाने की प्लानिंग थी। पटना के कांग्रेस मैदान के रिनोवेशन के लिए एक महीने पहले काम शुरू किया गया था। बिहार अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बुडको) की ओर से करीब 64.72 लाख रुपए की राशि खर्च करके इसका सौंदर्यीकरण किया जाना था। मगर अब इसपर रोक लगा दी गई है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बुडको को कानूनी नोटिस भेजा है, जिसके बाद से काम पर प्रतिबंध लग गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि बुडको बिना अनुमति कांग्रेस मैदान की जमीन पर जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहा है। 15 दिनों के भीतर सभी अवैध ढांचों को हटाने की मांग कांग्रेस की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार पांडेय के अनुसार यह जमीन कांग्रेस पार्टी की है और इसे वर्ष 1936 में अनुग्रह नारायण सिंह ने दान में दिया था। यह जमीन आज भी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नाम से दर्ज है। पहले यहां एक संप हाउस बनाया गया था, जिसे हटाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक नहीं हटाया गया। अब फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। कांग्रेस ने इसे गलत बताते हुए कहा है कि यह निजी जमीन है और बिना अनुमति कोई भी काम नहीं किया जा सकता। कांग्रेस ने मांग की है कि तुरंत सभी निर्माण कार्य रोके जाएं और 15 दिनों के भीतर सभी अवैध ढांचों को हटाया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ओपन जिम, पाथवे और फव्वारे लगाने की थी तैयारी कदमकुआं स्थित इस ऐतिहासिक कांग्रेस मैदान की दीवारों की मरम्मत के साथ-साथ, परिसर में कई सुविधाओं का विस्तार किया जाना था। रिनोवेशन के तहत मैदान में ग्रिल वर्क की व्यवस्था की जानी थी। इसके साथ ही जल निकासी की समस्याओं के समाधान के लिए नाले का निर्माण किया जाना था। परिसर में अंधेरे को दूर करने के लिए हाईमास्ट लाइट्स लगाई जानी थी। यहां ओपन जिम, मॉर्निंग वॉकरों के लिए पाथवे, बच्चों के खेलने के लिए झूले, तालाब का रिनोवेशन, फव्वारा और रंगीन लाइटें लगाने की प्लानिंग थी।


