पूर्णिया में कड़ाके की ठंड सीजन के सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। बुधवार को तेज बर्फीली हवा चलती रही, जिससे 3 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर फील की गई। ऐसे में ठंड से बिगड़ते हालात को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों को 9 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। डीएम अंशुल कुमार ने लेटर जारी करते हुए क्लास 1 से 8 तक के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया है। इसमें प्री स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र और कोचिंग संस्थान भी शामिल हैं। साथ ही 8वीं से ऊपर की क्लास की टाइमिंग में बदलाव करते हुए सुबह 10 बजे से दोपहर के 3:30 कर दी गई है। ये आदेश 9 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। बर्फीली हवा से बढ़ी परेशानी बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 13 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर 12 बजे तक शहर घने कोहरे से ढका रहा, मानो सफेद चादर में लिपटा हो। पूरे ही दिन तेज बर्फीली हवा चलती रही, जिससे 3 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर वाली फील हुई। हालांकि प्री बोर्ड या फिर बोर्ड परीक्षा को लड़कर संचालित किए जाने वाली विशेष कक्षा के संचालन को इससे मुक्त रखा गया है। सभी सरकारी विद्यालयों के प्रिंसिपल, शिक्षक और स्टाफ को इससे कोई राहत नहीं दी गई है। शिक्षक तय समय से स्कूल आएंगे और हाजिरी लगाना भी अनिवार्य होगा। पूर्णिया में कड़ाके की ठंड सीजन के सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। बुधवार को तेज बर्फीली हवा चलती रही, जिससे 3 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर फील की गई। ऐसे में ठंड से बिगड़ते हालात को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों को 9 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। डीएम अंशुल कुमार ने लेटर जारी करते हुए क्लास 1 से 8 तक के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया है। इसमें प्री स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र और कोचिंग संस्थान भी शामिल हैं। साथ ही 8वीं से ऊपर की क्लास की टाइमिंग में बदलाव करते हुए सुबह 10 बजे से दोपहर के 3:30 कर दी गई है। ये आदेश 9 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। बर्फीली हवा से बढ़ी परेशानी बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 13 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहा। दोपहर 12 बजे तक शहर घने कोहरे से ढका रहा, मानो सफेद चादर में लिपटा हो। पूरे ही दिन तेज बर्फीली हवा चलती रही, जिससे 3 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर वाली फील हुई। हालांकि प्री बोर्ड या फिर बोर्ड परीक्षा को लड़कर संचालित किए जाने वाली विशेष कक्षा के संचालन को इससे मुक्त रखा गया है। सभी सरकारी विद्यालयों के प्रिंसिपल, शिक्षक और स्टाफ को इससे कोई राहत नहीं दी गई है। शिक्षक तय समय से स्कूल आएंगे और हाजिरी लगाना भी अनिवार्य होगा।


