अलीगढ़ में बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने समायोजन में हुई मनमानी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने आरोप लगाया कि समायोजन 3:0 की प्रक्रिया में धांधलेबाजी की गई है। इसके चलते दिव्यांग शिक्षकों को 30 से 35 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह और जिला मंत्री राजेंद्र सिंह अत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन एसीएम द्वितीय दिग्विजय सिंह को सौंपा। ‘विभाग की मनमानी से शिक्षक परेशान’ शिक्षक संघ का आरोप है कि समायोजन की प्रक्रिया न तो तर्कसंगत है और न ही नियमों के अनुरूप। जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि विभाग ने पोर्टल के जरिए मनमाने तरीके से स्कूल बदल दिए, जिससे जमीन पर शिक्षकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। संघ ने आरोप लगाया कि समायोजन 2.0 के दौरान जिन स्कूलों से शिक्षकों को हटाकर उन्हें एकल शिक्षक विद्यालय बना दिया गया था, अब 3.0 में उन्हीं स्कूलों में दोबारा शिक्षक भेजे जा रहे हैं, जो नीति की असंगतियों को दर्शाता है। वरिष्ठ शिक्षकों का कर दिया स्थानांतरण शिक्षकों का कहना है कि नगर क्षेत्र अलीगढ़ में कई स्कूलो में पद रिक्त हैं। बावजूद इसके दिव्यांग शिक्षकों और महिला शिक्षिकाओं को उनके आवास से 30 से 35 किलोमीटर दूर अतरौली क्षेत्र में यू-डायस (U-DISE) पोर्टल के माध्यम से समायोजित कर दिया गया है। नियम के अनुसार कनिष्ठ शिक्षकों का स्थानांतरण होना था, लेकिन कई विद्यालयों में वरिष्ठ शिक्षकों को हटाकर कनिष्ठों को यथावत रखा गया। यही नहीं, बिना किसी लिखित आदेश के पोर्टल पर विद्यालय बदल दिए गए, जिससे शिक्षक असमंजस में हैं। ‘बिना नोटिस के हो रहा निलंबन’ प्रदर्शन के दौरान तबादलों के साथ-साथ शिक्षकों के उत्पीड़न के मुद्दे भी जोरशोर से उठे। संघ का कहना है कि कई निलंबित शिक्षकों की जांच रिपोर्ट आने और निर्दोष पाए जाने के बावजूद बहाली नहीं की जा रही। बिना कारण बताओ नोटिस के निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान स्वीकृत अवकाश पर रहे शिक्षकों को भी अनुपस्थित दिखाकर सर्विस बुक में प्रतिकूल प्रविष्टियां दर्ज कर दी गईं, जबकि साक्ष्य देने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। निर्दोष शिक्षकों की बहाली का मुद्दा उठा महिला शक्ति का नेतृत्व सुरभि राज पवार, संगीता त्रिपाठी, मीना गुप्ता, वंदना शर्मा और डिंपल सिंह ने किया। शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी से मांग की है कि समायोजन 3:0 की पूरी सूची की निष्पक्ष समीक्षा कर सभी विसंगतियां दूर की जाएं। गलत तरीके से दर्ज प्रतिकूल प्रविष्टियां हटाई जाएं और निर्दोष निलंबित शिक्षकों को तत्काल बहाल किया जाए। ये रहे मौजूद कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान संरक्षक राधेश्याम शर्मा, राजेश कटारा, मुगीसुर रहमान, उमेश चंद वर्मा, मुकेश शर्मा, सुधीर चौहान, ललित चौधरी, कौशलेंद्र सिंह, गोपाल गुप्ता, सुधीर शर्मा, बिल्लू सिंह, अमित चौहान, गजराज सिंह, जितेंद्र सिंह, कमल सिंघल, किशनचंद शर्मा, कश्मीर सिंह यादव, राजीव, उदयभान सिंह, जुगल किशोर, अवधेश्वर दयाल, डॉ. राघव, सतेंद्र पाल सिंह, मनोज उपाध्याय और रघुराज सिंह मौजूद रहे।


