इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन वाहनों में 1300 किलो गांजा तस्करी के आरोपी अमित त्रिपाठी उर्फ मुकुंद को जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया है।और अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों व सबूतों के आधार पर अपराध की गंभीरता व दंडित होंने की संभावनाओं को देखते हुए कहा कि याची जमानत पाने का हकदार नहीं हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने दिया है। मालूम हो कि सूचना मिलने पर नारकोटिक्स विभाग व पुलिस टीम ने हंडिया के गांव चौरा बेरेदा गांव में घनश्याम त्रिपाठी के आवास पर 26 मार्च 25 को छापा डाला।और भारी मात्रा में प्रतिबंधित गाजे की बरामदगी की।जिसकी रिपोर्ट दर्ज की गयी। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष तिवारी अधिवक्ता ने एन डी टी एस एक्ट के तहत कार्यवाही की वैधता पर सवाल उठाए,कहा झूठा फंसाया गया है। कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और एस एफ एल रिपोर्ट के बगैर बरामद पदार्थ गांजा करार दिया गया।कहा केवल दो शैंपल जांच के लिए भेजे गये। कोई विश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। योजना तैयार कर गांजा बरामदगी दिखाई गई है।अन्य सह अभियुक्तों की हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इसलिए याची को जमानत पर रिहा किया जाय। राज्य विधि अधिकारी शशांक सिंह ने कहा 1300किलो भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।एस एफ एल रिपोर्ट में गांजा पाया गया है।यदि रिहा किया गया तो ट्रायल प्रभावित करने की संभावना है। कानूनी प्रक्रिया की कुछ खामियो के आधार पर अपराध से बरी नहीं किया जा सकता। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए जमानत अर्जी खारिज करने की मांग की। कोर्ट ने कहा उपलब्ध सबूतों से प्रथमदृष्टया याची की संलिप्तता प्रकट होती है। अपराध गंभीर है, इसलिए जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता।


