सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में 15 नवंबर 2025 को हुए खनन हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात की। इस दौरान परिजनों ने अपनी परेशानियां साझा करते हुए प्रदेश सरकार से पर्याप्त सहायता न मिलने की शिकायत की। परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के समय मुख्यमंत्री घटना स्थल से महज आठ किलोमीटर दूर चोपन में ‘आदिवासी गौरव दिवस’ कार्यक्रम में मौजूद थे। बावजूद इसके पीड़ित परिवारों को अपेक्षित सहायता नहीं मिली। उनका कहना था कि अब अधिकारी उन पर तरह-तरह का दबाव भी बना रहे हैं। परिजनों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग की ओर से प्रत्येक पीड़ित परिवार को केवल 1 लाख 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है, जो उनके अनुसार अपर्याप्त है। अखिलेश यादव ने मृतक श्रमिकों के आश्रितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए खनन हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए और सरकार को उनकी पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अखिलेश यादव ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ-साथ अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग भी की। उल्लेखनीय है कि यह हादसा ओबरा थाना क्षेत्र के विल्ली मारकुंडी स्थित कृष्णा माइनिंग वर्क्स में हुआ था, जिसमें सात श्रमिकों की मौत हो गई थी। मृतकों में इंद्रजीत यादव, संतोष यादव, कृपा शंकर खरवार, राम खेलावन खरवार, राजू गोड़, रविंदर गोंड और गुलाब खरवार शामिल थे। मुलाकात के दौरान इंद्रजीत यादव, संतोष यादव, कृपा शंकर खरवार, राम खेलावन खरवार और राजू गोड़ के परिजन मौजूद रहे। इनमें पार्वती यादव, गायत्री यादव, सरस्वती खरवार, बचिया देवी, मीना देवी, शोभनाथ यादव, इंद्रावती देवी, सूरज नारायण, भगवान गोंड, प्रेम खरवार और गंगा गोंड शामिल थे। वहीं रविंदर गोंड और गुलाब खरवार के परिजन इस मुलाकात में शामिल नहीं हो सके। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अविनाश कुशवाहा, ग्राम प्रधान लक्ष्मण यादव, ओबरा के पूर्व चेयरमैन रमेश सिंह यादव, अखिलेश यादव जिज्ञासु, ओबरा के पूर्व प्रत्याशी सुनील गोंड और सूबेदार गोंड भी मृतक परिजनों के साथ मौजूद रहे।


