मधुबनी में 122 पंचायतों में हुई सरप्राइज चेकिंग:”जिला प्रशासन की ओर” कार्यक्रम के तहत फार्मर रजिस्ट्रेशन की रिव्यु

मधुबनी में 122 पंचायतों में हुई सरप्राइज चेकिंग:”जिला प्रशासन की ओर” कार्यक्रम के तहत फार्मर रजिस्ट्रेशन की रिव्यु

मधुबनी में बुधवार को “जिला प्रशासन गांव की ओर” कार्यक्रम के तहत 122 पंचायतों में अचानक जांच की गई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर विभिन्न जनोपयोगी एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। जांच का मुख्य केंद्र किसानों को मिल रही सरकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं का कवरेज था। इसमें विशेष रूप से फार्मर रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया की प्राथमिकता से समीक्षा की गई। किसान सलाहकारों द्वारा किए जा रहे ई-केवाईसी की स्थिति का जायजा लिया पदाधिकारियों ने पंचायत स्तर पर कार्यरत किसान सलाहकारों द्वारा किए जा रहे ई-केवाईसी की स्थिति का जायजा लिया। यह भी जांचा गया कि ई-केवाईसी के बाद किसानों का डेटा संबंधित पंचायत/हल्का के राजस्व कर्मचारी के लॉगिन में सही ढंग से प्रदर्शित हो रहा है या नहीं। राजस्व कर्मचारियों द्वारा किसान से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण जैसे खाता, खेसरा संख्या, बायोमेट्रिक/आइरिस फोटो का संधारण और आगे की कार्रवाई समय पर की जा रही है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की गई। आवंटित पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की जिलाधिकारी के निर्देशों के आलोक में, संबंधित पदाधिकारियों ने आवंटित पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान किसान सलाहकार और राजस्व कर्मचारी द्वारा की जा रही फार्मर रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया, ई-केवाईसी आईडी की संख्या, किसानों को जागरूक करने की प्रक्रिया, प्रति घंटे किए जा रहे रजिस्ट्रेशन की संख्या और प्रक्रिया में आ रही बाधाओं का अवलोकन किया गया। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट गूगल शीट में दर्ज की। मधुबनी में बुधवार को “जिला प्रशासन गांव की ओर” कार्यक्रम के तहत 122 पंचायतों में अचानक जांच की गई। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर विभिन्न जनोपयोगी एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। जांच का मुख्य केंद्र किसानों को मिल रही सरकारी योजनाओं और विभागीय सेवाओं का कवरेज था। इसमें विशेष रूप से फार्मर रजिस्ट्रेशन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया की प्राथमिकता से समीक्षा की गई। किसान सलाहकारों द्वारा किए जा रहे ई-केवाईसी की स्थिति का जायजा लिया पदाधिकारियों ने पंचायत स्तर पर कार्यरत किसान सलाहकारों द्वारा किए जा रहे ई-केवाईसी की स्थिति का जायजा लिया। यह भी जांचा गया कि ई-केवाईसी के बाद किसानों का डेटा संबंधित पंचायत/हल्का के राजस्व कर्मचारी के लॉगिन में सही ढंग से प्रदर्शित हो रहा है या नहीं। राजस्व कर्मचारियों द्वारा किसान से संबंधित महत्वपूर्ण विवरण जैसे खाता, खेसरा संख्या, बायोमेट्रिक/आइरिस फोटो का संधारण और आगे की कार्रवाई समय पर की जा रही है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की गई। आवंटित पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की जिलाधिकारी के निर्देशों के आलोक में, संबंधित पदाधिकारियों ने आवंटित पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान किसान सलाहकार और राजस्व कर्मचारी द्वारा की जा रही फार्मर रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया, ई-केवाईसी आईडी की संख्या, किसानों को जागरूक करने की प्रक्रिया, प्रति घंटे किए जा रहे रजिस्ट्रेशन की संख्या और प्रक्रिया में आ रही बाधाओं का अवलोकन किया गया। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट गूगल शीट में दर्ज की।  

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