इंग्लैंड के इस दिग्गज खिलाड़ी ने ICC पर लगाया भेदभाव और मनमानी का आरोप, कहा -सब जानते हैं इसे कौन चला रहा है

Moeen Ali KKR, ICC: इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के पूर्व खिलाड़ी मोईन अली ने मुस्तफिज़ुर रहमान के आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट रद्द होने और इससे जुड़े विवाद पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहा है और मुस्तफिज़ुर के साथ हुई यह घटना हालात को और खराब कर रही है। मोईन का मानना है कि यहां कुछ भी सही नहीं लग रहा और इन मुद्दों को ठीक करने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है, क्योंकि यह सिर्फ एक खिलाड़ी की बात नहीं है। पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में पहले से कई चुनौतियां हैं और ऐसे में क्रिकेट को राजनीति से अलग रखना चाहिए, वरना यह खेल लगातार खतरे में पड़ता जाएगा।

मुस्तफिज़ुर रहमान के लिए दुख व्यक्त किया

मोईन ने विशेष रूप से मुस्तफिज़ुर रहमान के लिए दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “सबसे ज्यादा बुरा मुझे मुस्तफिज़ुर के लिए लग रहा है। सालों की मेहनत और शानदार प्रदर्शन के बाद आखिरकार उसे एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला था। वह किसी अन्य टीम में भी जा सकता था, लेकिन केकेआर ने उसे चुना। ईमानदारी से कहूं तो इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नुकसान उसी का हुआ है।”

बांग्लादेश ने आईपीएल प्रसारण भी रोक दिया

मोईन अली ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के उस फैसले की निंदा नहीं की, जिसमें उन्होंने 2026 टी20 विश्व कप के लिए भारत न आने का ऐलान किया और आईपीएल प्रसारण भी रोक दिया। उनका कहना है कि यह बीसीसीआई की उस कार्रवाई की प्रतिक्रिया है, जिसमें बांग्लादेशी खिलाड़ियों को आईपीएल से लगभग बाहर कर दिया गया।

भारत में रहने वाले बंगालियों के लिए भी यह निराशाजनक

मोईन ने स्पष्ट कहा, “सच कहूं तो मैं बांग्लादेश को दोष नहीं देता। लेकिन जो लोग इन मुद्दों को क्रिकेट में घसीट रहे हैं, वह बहुत गलत और घटिया है। क्रिकेट तो अलग चीज है। लोग इसे खेलते हैं और प्यार करते हैं, खासकर उपमहाद्वीप में। लोग अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मैदान पर देखना चाहते हैं। अगर मुस्तफिज़ुर केकेआर के लिए खेलते, तो यह बांग्लादेश के लोगों के लिए कितना शानदार होता। न सिर्फ बांग्लादेश में, बल्कि भारत में रहने वाले बंगालियों के लिए भी यह बेहद निराशाजनक है। मौजूदा हालात वाकई बहुत खराब हैं।”

आईसीसी कभी सख्ती नहीं दिखाती

मोईन ने अपने इंटरव्यू में आगे कहा कि ये समस्याएं काफी समय से चली आ रही हैं, लेकिन कोई खुलकर बोलता नहीं। सब देखते हैं और नजरअंदाज कर देते हैं। पाकिस्तान के साथ भी यही होता रहा है। आईसीसी कभी सख्ती नहीं दिखाती। यही क्रिकेट की सच्चाई है, लेकिन कोई इसे स्वीकार नहीं करता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे बड़े देशों की इसमें कोई जिम्मेदारी नहीं है? उन्हें बोलना चाहिए, लेकिन आज की दुनिया में हर किसी का अपना एजेंडा है। क्रिकेट हो या राजनीति, हर जगह यही चल रहा है, जब तक अपना काम चल रहा हो, किसी और की परवाह नहीं की जाती।

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