पूर्णिया में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को प्राइवेट बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी की गई है। हैरानी की बात है कि फर्जीवाड़ा में डायल 112 की पुलिस के दो कर्मी भी शामिल है। के.नगर थाना पुलिस ने इस मामले में डायल 112 के दो चालक समेत चार लोगों को आज गिरफ्तार किया है। इन्होंने साथ मिल कर डेढ़ लाख रुपए की ठगी की। फिर आपस में पैसे बांट लिए। नौकरी लगी लगने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने एसएसपी से मदद की गुहार लगाई। पकड़े गए आरोपियों में पूर्णिया के जानकीनगर के वार्ड-17 के अजय कुमार, जानकीनगर के चकमका गांव निवासी नवीन कुमार, अररिया के बोसी बसेटी थाना क्षेत्र के लकुनुवा गांव निवासी नितेश कुमार, जानकीनगर थाना क्षेत्र के रामपुर तिलक गांव निवासी रविंद्र कुमार शामिल हैं। एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि अररिया जिले के नरपतगंज के प्लासी के रहने वाले रोहन कुमार साह से प्राइवेट बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर दो लाख रुपए की मांग की गई थी। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि पैसे देने के बाद बैंक में पक्की नौकरी लग जाएगी। 1 लाख 70 हजार रुपए कैश दिए 4 जनवरी को रोहन कुमार ने के.नगर थाना क्षेत्र के बालूघाट पेट्रोल पंप के पास आरोपियों को 1 लाख 70 हजार रुपए कैश दिए। पैसे लेने के बाद भी जब नौकरी से जुड़ा कोई काम नहीं हुआ, तब रोहन को ठगी का एहसास हुआ। 5 जनवरी को रोहन कुमार ने के.नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही एसपी स्वीटी सहरावत को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए बनमनखी एसडीपीओ और सदर एसडीपीओ को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। पुलिस की जांच में आरोप सही पाए गए। जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में के.नगर थाना क्षेत्र के बालूघाट शिविर में कार्यरत डायल 112 के चालक नितेश कुमार और चम्पानगर थाना में कार्यरत डायल 112 के चालक रविंद्र कुमार शामिल हैं। इनके अलावा अजय कुमार और नवीन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति से नौकरी के लिए पैसे की मांग होने पर सतर्क रहें और बिना जांच-पड़ताल के किसी को रकम न दें। पूर्णिया में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को प्राइवेट बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी की गई है। हैरानी की बात है कि फर्जीवाड़ा में डायल 112 की पुलिस के दो कर्मी भी शामिल है। के.नगर थाना पुलिस ने इस मामले में डायल 112 के दो चालक समेत चार लोगों को आज गिरफ्तार किया है। इन्होंने साथ मिल कर डेढ़ लाख रुपए की ठगी की। फिर आपस में पैसे बांट लिए। नौकरी लगी लगने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने एसएसपी से मदद की गुहार लगाई। पकड़े गए आरोपियों में पूर्णिया के जानकीनगर के वार्ड-17 के अजय कुमार, जानकीनगर के चकमका गांव निवासी नवीन कुमार, अररिया के बोसी बसेटी थाना क्षेत्र के लकुनुवा गांव निवासी नितेश कुमार, जानकीनगर थाना क्षेत्र के रामपुर तिलक गांव निवासी रविंद्र कुमार शामिल हैं। एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि अररिया जिले के नरपतगंज के प्लासी के रहने वाले रोहन कुमार साह से प्राइवेट बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर दो लाख रुपए की मांग की गई थी। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि पैसे देने के बाद बैंक में पक्की नौकरी लग जाएगी। 1 लाख 70 हजार रुपए कैश दिए 4 जनवरी को रोहन कुमार ने के.नगर थाना क्षेत्र के बालूघाट पेट्रोल पंप के पास आरोपियों को 1 लाख 70 हजार रुपए कैश दिए। पैसे लेने के बाद भी जब नौकरी से जुड़ा कोई काम नहीं हुआ, तब रोहन को ठगी का एहसास हुआ। 5 जनवरी को रोहन कुमार ने के.नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। साथ ही एसपी स्वीटी सहरावत को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए बनमनखी एसडीपीओ और सदर एसडीपीओ को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। पुलिस की जांच में आरोप सही पाए गए। जिसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में के.नगर थाना क्षेत्र के बालूघाट शिविर में कार्यरत डायल 112 के चालक नितेश कुमार और चम्पानगर थाना में कार्यरत डायल 112 के चालक रविंद्र कुमार शामिल हैं। इनके अलावा अजय कुमार और नवीन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति से नौकरी के लिए पैसे की मांग होने पर सतर्क रहें और बिना जांच-पड़ताल के किसी को रकम न दें।


