बेतिया नगर निगम में फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जमा कर ठेका लेने वाले तीन संवेदकों के खिलाफ निगम प्रशासन ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम प्रशासन के आवेदन पर संवेदक विशाल रंजन, अभिषेक कुमार पांडेय और प्रियंका मेहता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। यदि वे फरार रहते हैं, तो उनकी चल और अचल संपत्ति कुर्क की जाएगी। संबंधित बैंकों से कराई गई FD की जांच निगम प्रशासन द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, नगर निगम में निविदा के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के टेंडर जारी किए गए थे। सफल संवेदकों ने एकरारनामा कर अपीजी (APG) और एकरारनामा की राशि एफडी के माध्यम से जमा की थी। शिकायत मिलने के बाद, कार्यालय ने संवेदकों द्वारा जमा की गई एफडी की जांच संबंधित बैंकों से कराई। बैंकों ने कुल छह योजनाओं में जमा कराई गई एफडी को नकली और फर्जी बताया। इनमें ठेकेदार विशाल रंजन ने चार निविदाएं, अभिषेक कुमार पांडेय ने एक और प्रियंका मेहता ने एक निविदा का ठेका लिया था। सभी संवेदकों से मांगा गया स्पष्टीकरण सभी संवेदकों ने नकली और फर्जी एफडी का उपयोग कर धोखाधड़ी से एकरारनामा किया था। इन सभी एकरारनामों और संबंधित निविदाओं को रद्द कर दिया गया है। निगम कार्यालय ने सभी संवेदकों से स्पष्टीकरण मांगा है और पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखकर इन संवेदकों को सूची में डालने का अनुरोध किया है। बेतिया नगर निगम में फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जमा कर ठेका लेने वाले तीन संवेदकों के खिलाफ निगम प्रशासन ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम प्रशासन के आवेदन पर संवेदक विशाल रंजन, अभिषेक कुमार पांडेय और प्रियंका मेहता के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। यदि वे फरार रहते हैं, तो उनकी चल और अचल संपत्ति कुर्क की जाएगी। संबंधित बैंकों से कराई गई FD की जांच निगम प्रशासन द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, नगर निगम में निविदा के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के टेंडर जारी किए गए थे। सफल संवेदकों ने एकरारनामा कर अपीजी (APG) और एकरारनामा की राशि एफडी के माध्यम से जमा की थी। शिकायत मिलने के बाद, कार्यालय ने संवेदकों द्वारा जमा की गई एफडी की जांच संबंधित बैंकों से कराई। बैंकों ने कुल छह योजनाओं में जमा कराई गई एफडी को नकली और फर्जी बताया। इनमें ठेकेदार विशाल रंजन ने चार निविदाएं, अभिषेक कुमार पांडेय ने एक और प्रियंका मेहता ने एक निविदा का ठेका लिया था। सभी संवेदकों से मांगा गया स्पष्टीकरण सभी संवेदकों ने नकली और फर्जी एफडी का उपयोग कर धोखाधड़ी से एकरारनामा किया था। इन सभी एकरारनामों और संबंधित निविदाओं को रद्द कर दिया गया है। निगम कार्यालय ने सभी संवेदकों से स्पष्टीकरण मांगा है और पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखकर इन संवेदकों को सूची में डालने का अनुरोध किया है।


