रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र में हाथियों का उत्पात जारी है। देर रात हाथियों के झुंड ने फसलों को रौंदकर और घरों को ध्वस्त कर ग्रामीणों को परेशान किया है। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। किसान अपनी पूंजी लगाकर फसलें उगाते हैं, लेकिन हाथियों द्वारा उन्हें बर्बाद कर दिया जा रहा है। घरों में रखा धान भी हाथियों का निशाना बन रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों और वनकर्मियों के अनुसार, गोला वन क्षेत्र में हाथियों का झुंड दो गुटों में बंटा हुआ है। संग्रामपुर पंचायत क्षेत्र में दो हाथी देखे गए हैं, जबकि रजरप्पा-हेसापोड़ा के जंगल में सात हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है। हाथियों के डर से किसान रातभर जागकर अपनी फसलों और घरों की निगरानी करने को मजबूर हैं। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से ग्रामीण और भी भयभीत हैं, क्योंकि उन्हें किसी भी समय हाथी के हमले का डर सताता रहता है। पिछले कुछ दिनों में हाथियों के झुंड ने छह लोगों की जान ले ली है। इस दहशत के बीच, ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा सुनिश्चित करने और हाथियों के उत्पात से निजात दिलाने की गुहार लगाई है। रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र में हाथियों का उत्पात जारी है। देर रात हाथियों के झुंड ने फसलों को रौंदकर और घरों को ध्वस्त कर ग्रामीणों को परेशान किया है। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। किसान अपनी पूंजी लगाकर फसलें उगाते हैं, लेकिन हाथियों द्वारा उन्हें बर्बाद कर दिया जा रहा है। घरों में रखा धान भी हाथियों का निशाना बन रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों और वनकर्मियों के अनुसार, गोला वन क्षेत्र में हाथियों का झुंड दो गुटों में बंटा हुआ है। संग्रामपुर पंचायत क्षेत्र में दो हाथी देखे गए हैं, जबकि रजरप्पा-हेसापोड़ा के जंगल में सात हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है। हाथियों के डर से किसान रातभर जागकर अपनी फसलों और घरों की निगरानी करने को मजबूर हैं। कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से ग्रामीण और भी भयभीत हैं, क्योंकि उन्हें किसी भी समय हाथी के हमले का डर सताता रहता है। पिछले कुछ दिनों में हाथियों के झुंड ने छह लोगों की जान ले ली है। इस दहशत के बीच, ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा सुनिश्चित करने और हाथियों के उत्पात से निजात दिलाने की गुहार लगाई है।


