पंचायतीराज चुनाव को लेकर उदयपुर जिला परिषद के वार्डों के जारी किए ड्राफ्ट प्रकाशन को लेकर बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आई है। जनप्रतिनधियों और ग्रामीणों की दी आपत्तियों में जनसंख्या को लेकर वार्डों को बनाने में असंतुलन सामने आया तो कहीं पर वार्डों में जिन पंचायतों को शामिल किया उनकी दूरी और प्रशासनिक कार्य को लेकर आने वाली चुनौतियों से भी अवगत कराया गया है। बता दें कि उदयपुर जिला परिषद में पहले 43 वार्ड थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 47 हो गई है। ड्राफ्ट प्रकाशन के साथ ही आमजन एवं संबंधित पक्ष 5 जनवरी 2026 तक आपत्तियां एवं सुझाव दिए थे। सबसे ज्यादा आपत्तियां गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र में मिली है। कांग्रेस का आरोप है कि उदयपुर जिले की सभी 19 पंचायत समितियों में वार्डों का पुर्नसीमांकन में सम्पूर्ण ग्राम पंचायत को एक साथ पंचायत समिति के वार्ड में रखा गया है लेकिन गोगुन्दा पंचायत समिति में ऐसा नहीं किया गया है। पूर्व देहात कांग्रेस अध्यक्ष लालसिंह झाला कहते है कि वार्डों के पुर्नगठन में सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायतों के वार्डों को तोड़कर पंचायत समिति के दो-दो एवं तीन वार्डों में इधर से उधर डाले गये है। जिसमें न तो दूरी का ख्याल रखा गया है और न ही जनसंख्या का। जिला प्रशासन अब इन आपत्तियों को निस्तारण करेगा। जिले भर में अलग—अलग वार्डों में आए सुझाव और आपत्तियों में से यहां प्रस्तुत है प्रमुख आपत्तियां। किसी वार्ड में कम आबादी तो किसी में ज्यादा गोगुंदा पंचायत समिति के 19 वार्डो के लिए कुल जनसंख्या 1,15,116 है जिसकी प्रत्येक वार्ड की औसत जनसंख्या 6 हजार के आस पास होनी चाहिए लेकिन वार्ड संख्या एक में 3388, वार्ड 2 में 3682, वार्ड 3 में 4588 एवं वार्ड 7 में 4070 वही वार्ड 4 में 7748 है वार्ड 5 में 8751, वार्ड 8 में 7857, वार्ड 9 में 7480 और वार्ड 11 में 8270 आबादी रखी जिसमें असंतुलन है। पाटिया को दो वार्डों में जोड़ा
गोगुंदा पंचायत समिति के वार्ड 7 में ग्राम पंचायत पाटिया के वार्ड 7,8,9 को जोड़ा गया है वहीं पंचायत समिति के वार्ड 10 में उसी पाटिया ग्राम पंचायत के वार्ड एक से तीन तक को जोड़ा गया है। पंचायत समिति के वार्ड 15 में उसी ग्राम पंचायत पाटिया के शेष 4,5,6 वार्डों को जोडा गया है और यह एरिया पाटिया ग्राम पंचायत से करीब 25 किलीमीटर दूर पडता है। राव मादड़ा में भी यहीं स्थिति
पंचायत समिति के वार्ड 2 में राव मादड़ा ग्राम पंचायत वार्ड 1 से 6 तक एवं कडेचावास ग्राम पंचायत के वार्ड 1 से 5 का एरिया जोडा गया है जबकि उपरोक्त दोनों ग्राम पंचायत राव मादडा एवं कडेचासस के शेष बचे दो-दो वार्ड पंचायत समिति के वार्ड 3 एवं वार्ड 19 में जोड़ा गया है। पाडलों का चोरा और अंबावा में जोड़े वार्ड
गोगुंदा पंचायत समिति के वार्ड 6 दादिया ग्राम पंचायत के साथ पाडलों का चोरा ग्राम पंचायत के वार्ड 1 से 4 तक तथा अम्बावा ग्राम पंचायत के 6 व 7 को जोडा गया है जबकि पंचायत समिति के वार्ड 11 में पडावली कलां ग्राम पंचायत के साथ उपरोक्त पाडलों का चोरा ग्राम पंचायत के दो वार्ड व अम्बावा ग्राम पंचायत के पांच वार्ड जोड़े गए है। वार्ड 17-18 पर भी आपत्ति
पंचायत समिति का वार्ड 17 जिसमें मदारडा, विजय बावडी ग्राम पंचायतों के साथ काछबा का आंशिक व मोडी ग्राम पंचायत के 1 से 5 वार्डों को शामिल किया जिससे इनमें चार ग्राम पंचायतों का हिस्सा जोडा गया है। पंचायत समिति के वार्ड 18 में रावलिया कलां ग्राम पंचायत का आंशिक तीन वार्ड, मोडी ग्राम पंचायत के चार वार्ड और सेमटाल ग्राम पंचायत के एक से तीन वार्ड को जोड़कर तीन ग्राम पंचायतों के आंशिक हिस्से को शामिल किया गया है। तीन पंचायतों के हिस्से से वार्ड
पंचायत समिति वार्ड 19 में रावलिया खुर्द ग्राम पंचायत के साथ रावलिया कलां ग्राम पंचायत के सात वार्ड और कडेचावास ग्राम पंचायत जो रावलिया कला से 20 किलोमीटर दूर उसके दो वार्ड शामिल किये गये है। यह वार्ड भी तीन ग्राम पंचायतों के आंशिक हिस्से से जोडकर बनाई गयी है। पंचायत को चार अलग-अलग प्रतिनिधियों में बांटा
नवगठित पंचायत भंवरासिया (वल्लभनगर) का उदाहरण देते हुए बताया कि पंचायत के अंतर्गत आने वाले चार राजस्व गांवों को चार अलग-अलग वार्डों में शामिल कर दिया गया है। पंचायत को चार अलग-अलग प्रतिनिधियों में बांट दिया गया है, जिसका सीधा असर पंचायत के समग्र विकास पर पड़ेगा। मोरजाई के वार्ड को तारावट में लिया
करणपुर वार्ड नंबर 2 का गठन चार पंचायतों के राजस्व गांवों को मिलाकर किया गया है, जबकि वार्ड नंबर 13 किकावास की जनसंख्या 4161 होने के बावजूद उसके राजस्व गांव मोरजाई को तारावट वार्ड नंबर 14 में शामिल कर दिया गया है जो अनुचित है। खेड़ली को वाना में लिया
भींडर पंचायत समिति के वार्ड नंबर 18 एवं 19 पर भी सवाल उठाए है। बरोडिया गांव को वार्ड नंबर 19 में शामिल किया गया, जबकि बरोडिया पंचायत क्षेत्र के अन्य राजस्व गांवों को वार्ड नंबर 18 में बड़गांव पंचायत क्षेत्र के साथ जोड़ दिया गया। वहीं बड़गांव पंचायत का खेड़ली गांव वाना पंचायत क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है, जिससे प्रशासनिक एवं विकास संबंधी समस्याएं होगी। जनसंख्या का आंकड़ा कम और ज्यादा
ऋषभदेव पंचायत समिति के वार्ड 1 में जनसंख्या-7210, वार्ड 2 में जनसंख्या-8198, वार्ड 8 में जनसंख्या 6674 तथा वार्ड 11 में जनसंख्या-7028, वार्ड 13 में जनसंख्या 7228 एवं वार्ड 14 में जनसंख्या-7319 से निर्धारण किया गया है। जबकि कई वार्डों की जनसंख्या का निर्धारण करीब 5000 की जनसंख्या एवं इससे कम जनसंख्या पर किया गया है। भौगेलिक सामंजस्य ही नहीं
पंचायत समिति खेरवाड़ा में ग्राम पंचायत बड़ला को ग्राम पंचायत बंजारिया के साथ जोड़कर वार्ड संख्या 11 में शामिल किया गया है। इसका ग्राम पंचायत बड़ला एवं ग्राम पंचायत पोगरा के ग्रामीणों को आपत्ति है। ग्राम पंचायत बड़ला का ग्राम पंचायत बंजारिया से न तो भौगोलिक सामंजस्य है और न ही सामाजिक व प्रशासनिक संपर्क। टूस डांगियान में भी आपत्ति
वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत टूस डांगियान में रावत बस्ती में सी डांगी बस्ती, आम्बावेरी एयरपोर्ट क्षेत्र, सालवी मोहल्ला, गमेती बस्ती, कुम्हारों का मोहल्ला, सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास का क्षेत्र, पिपली वाला मोहल्ला, ब्राह्मणों का मोहल्ला, पिपली वाला चोरा, नदी के पास का मोहल्ला, नदी वाला चौराहा, नंदी वेला चौराहा से, भागलिया मीना बस्ती तथा कन्या खेड़ा तक का परिसीमन सही तरीके से नहीं किया गया है। बनाए गए वार्ड बहुत बड़े हो गए हैं, जिससे वार्डों का संतुलन बिगड़ गया है। मंदेसर के चार वार्ड, जबकि पांच होने थे
इसी प्रकार मंदेसर क्षेत्र में जनसंख्या के अनुसार चार वार्ड बनाए गए हैं, जबकि वहां पांच वार्ड होना चाहिए था। मंदेरिया की जनसंख्या मंदेसर से भी कम होने के बावजूद उसे चार वाडों में विभाजित किया गया है, जबकि मंदेरिया क्षेत्र को तीन वाडों में विभाजित किया जाना अधिक उचित होगा।


