भोजपुर जिले के गजराजगंज ओपी क्षेत्र अंतर्गत बामपाली बांध के पास चर्चित बावर्ची गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में शामिल मुख्य शूटर समेत 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार, कारतूस, खोखा, फर्जी सिम और बाइक नंबर प्लेट भी बरामद किया है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक राज ने पूरे मामले का खुलासा किया। एसपी राज ने बताया कि इस कांड में मुख्य आरोपित आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के निर्मलपुर गांव निवासी अनिकेत कुमार सिंह और टाउन थाना क्षेत्र के मोतीटोला, बलुआही निवासी सुजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। अनिकेत कुमार सिंह इस गोलीकांड का मुख्य शूटर है, जबकि सुजीत कुमार ने फर्जी सिम उपलब्ध कराकर अपराध में सहयोग किया था। पुलिस ने इनके पास से एक देसी रिवॉल्वर, 5 कारतूस, 18 खोखा और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। बदला लेने के लिए हत्या की SP राज ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य शूटर अनिकेत सिंह वर्तमान में बाबू बाजार, रमना मैदान के पास एक होटल से सटी गली में स्थित मकान में किराए पर रह रहा था। पूछताछ में सामने आया है कि करीब डेढ़ से 2 माह पहले मृतक सुबोध पासवान उर्फ राजू पासवान नवादा क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में बावर्ची का काम करता था। उसी रेस्टोरेंट में अनिकेत खाना खाने गया था, जहां अपशब्द कहे जाने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। विवाद के दौरान बावर्ची राजू ने छनौटा से वार कर अनिकेत पर हमला किया था। इसी घटना का बदला लेने के लिए अनिकेत ने राजू की हत्या की साजिश रची। बांध के पास ले जाकर मारी थी गोली 25 दिसंबर 2025 को लखीसराय जिले के किऊल थाना क्षेत्र अंतर्गत अनुसूचित जाति कॉलोनी वृंदावन निवासी 32 वर्षीय राजू पासवान को एक अज्ञात व्यक्ति ने काम दिलाने के बहाने संकट मोचन नगर बुलाया था। इसके बाद उसे बाइक पर बैठाकर बामपाली बांध के समीप ले जाया गया, जहां उस पर ताबड़तोड़ 4 गोलियां चलाई गईं। गंभीर रूप से घायल राजू की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाला, जिसमें वारदात से पहले कॉल करने में प्रयुक्त सिम एक महिला के नाम पर पाई गई। इसके बाद फर्जी सिम से जुड़े संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिससे पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ। 15 सौ रुपए में फर्जी सिम उपलब्ध कराया था पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सिम विक्रेता सुजीत कुमार ने मात्र 15 सौ रुपए में अनिकेत को फर्जी सिम उपलब्ध कराया था। इसी सिम का इस्तेमाल कर मृतक को बुलाया गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शूटर और सिम विक्रेता दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि अनिकेत ने पेशेवर अपराधी की तरह वारदात को अंजाम दिया। पहचान छिपाने के लिए उसने हेलमेट पहन रखा था और अपनी पल्सर बाइक की नंबर प्लेट बदल दी थी। पुलिस ने उसके घर से बदली हुई नंबर प्लेट भी बरामद की है। सीसीटीवी फुटेज में भी उसकी गतिविधियां कैद मिली हैं। पूछताछ में अनिकेत ने स्वीकार किया कि उसने करीब 28 हजार रुपए में मुंगेर से देसी रिवॉल्वर खरीदा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वह किसी अन्य आपराधिक घटनाओं में भी संलिप्त रहा है या नहीं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है। भोजपुर जिले के गजराजगंज ओपी क्षेत्र अंतर्गत बामपाली बांध के पास चर्चित बावर्ची गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में शामिल मुख्य शूटर समेत 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार, कारतूस, खोखा, फर्जी सिम और बाइक नंबर प्लेट भी बरामद किया है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक राज ने पूरे मामले का खुलासा किया। एसपी राज ने बताया कि इस कांड में मुख्य आरोपित आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के निर्मलपुर गांव निवासी अनिकेत कुमार सिंह और टाउन थाना क्षेत्र के मोतीटोला, बलुआही निवासी सुजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। अनिकेत कुमार सिंह इस गोलीकांड का मुख्य शूटर है, जबकि सुजीत कुमार ने फर्जी सिम उपलब्ध कराकर अपराध में सहयोग किया था। पुलिस ने इनके पास से एक देसी रिवॉल्वर, 5 कारतूस, 18 खोखा और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। बदला लेने के लिए हत्या की SP राज ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य शूटर अनिकेत सिंह वर्तमान में बाबू बाजार, रमना मैदान के पास एक होटल से सटी गली में स्थित मकान में किराए पर रह रहा था। पूछताछ में सामने आया है कि करीब डेढ़ से 2 माह पहले मृतक सुबोध पासवान उर्फ राजू पासवान नवादा क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में बावर्ची का काम करता था। उसी रेस्टोरेंट में अनिकेत खाना खाने गया था, जहां अपशब्द कहे जाने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। विवाद के दौरान बावर्ची राजू ने छनौटा से वार कर अनिकेत पर हमला किया था। इसी घटना का बदला लेने के लिए अनिकेत ने राजू की हत्या की साजिश रची। बांध के पास ले जाकर मारी थी गोली 25 दिसंबर 2025 को लखीसराय जिले के किऊल थाना क्षेत्र अंतर्गत अनुसूचित जाति कॉलोनी वृंदावन निवासी 32 वर्षीय राजू पासवान को एक अज्ञात व्यक्ति ने काम दिलाने के बहाने संकट मोचन नगर बुलाया था। इसके बाद उसे बाइक पर बैठाकर बामपाली बांध के समीप ले जाया गया, जहां उस पर ताबड़तोड़ 4 गोलियां चलाई गईं। गंभीर रूप से घायल राजू की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाला, जिसमें वारदात से पहले कॉल करने में प्रयुक्त सिम एक महिला के नाम पर पाई गई। इसके बाद फर्जी सिम से जुड़े संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिससे पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ। 15 सौ रुपए में फर्जी सिम उपलब्ध कराया था पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सिम विक्रेता सुजीत कुमार ने मात्र 15 सौ रुपए में अनिकेत को फर्जी सिम उपलब्ध कराया था। इसी सिम का इस्तेमाल कर मृतक को बुलाया गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शूटर और सिम विक्रेता दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि अनिकेत ने पेशेवर अपराधी की तरह वारदात को अंजाम दिया। पहचान छिपाने के लिए उसने हेलमेट पहन रखा था और अपनी पल्सर बाइक की नंबर प्लेट बदल दी थी। पुलिस ने उसके घर से बदली हुई नंबर प्लेट भी बरामद की है। सीसीटीवी फुटेज में भी उसकी गतिविधियां कैद मिली हैं। पूछताछ में अनिकेत ने स्वीकार किया कि उसने करीब 28 हजार रुपए में मुंगेर से देसी रिवॉल्वर खरीदा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वह किसी अन्य आपराधिक घटनाओं में भी संलिप्त रहा है या नहीं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है।


